बीकानेर में जनेऊ धारण का अनूठा अनुष्ठान
RNE Bikaner.
बीकानेर शहर में सनातन परंपराओं की सजीव झलक उस समय देखने को मिली जब महानंद जी मंदिर परिसर में बटुकों का यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। पंडित नथमल जी के सान्निध्य में आयोजित इस अनुष्ठान में वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच बच्चों ने विधिवत जनेऊ धारण कर ब्रह्मचर्य आश्रम में प्रवेश किया।
मंदिर परिसर मंत्रोच्चार से गूंज उठा और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। यज्ञोपवीत संस्कार के दौरान बटुकों ने पारंपरिक रीति के अनुसार अपने परिजनों से ‘भिक्षामदेही’ कहकर आशीर्वाद और भिक्षा ग्रहण की। इस भावुक और सांस्कृतिक क्षण ने उपस्थित जनसमूह को पुरातन परंपराओं से जोड़ दिया।
अनुष्ठान की एक खास झलक तब देखने को मिली जब लाल लौंकार की छांव तले बटुकों की छींकी निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बटुकों की यह छींकी आकर्षण का केंद्र बनी रही।
इस दौरान महानंद जी परिसर “ओ तो जीवतो जीवतो डोले जागो...” जैसे पारंपरिक मंगल गीतों से गूंज उठा। महिलाओं और परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पूरे आयोजन को सांस्कृतिक उत्सव का रूप दे दिया।