बीज उत्पादन व अन्य गतिविधियों का लिया जायजा
RNE Bikaner
बीकानेर, कुलगुरु डॉ. आर.बी. दुबे ने शुक्रवार को अनुसंधान निदेशक डॉ एन के शर्मा के साथ कृषि विज्ञान केंद्र, लूणकरणसर का दौरा किया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार शिवरान ने उन्हें केंद्र की विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी। डॉ. शिवरान ने बताया कि केंद्र द्वारा किसानों की भागीदारी से बीज उत्पादन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत गेहूं की WH 1270 एवं WH 1402 तथा चने की GNG-2261 किस्म के बीजों का उत्पादन किया जा रहा है।
कुलगुरु डॉ. दुबे ने उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीज उत्पादन बढ़ाया जाए तथा नई एवं उन्नत किस्मों के बीज उत्पादन के लिए निरंतर प्रयास हों। बीजों की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं हो।
प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
इस अवसर पर खारी, कूजटी एवं धीरेरा गांवों के 30 किसानों को सरसों की किस्म RH 1424 के समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन तथा दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत चने की किस्म GNG-2261 पर समूह अग्रिम पंक्ति समूह प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय चारा उत्पादन संस्थान, सूरतगढ़ के डॉ. बृजेन्द्र कोली ने किसानों को चारा उत्पादन के महत्व, उससे होने वाले लाभ तथा रबी मौसम में उगाई जाने वाली चारा फसलों की विभिन्न किस्मों की जानकारी दी। उन्होंने पशुपालन में गुणवत्तापूर्ण चारे की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। बायफ संस्था के छगन लाल प्रजापत ने संस्था द्वारा संचालित आईटीसी मिशन सुनहरा कल परियोजना के बारे में जानकारी दी तथा परियोजना की गतिविधियों से अवगत करवाया।
इस अवसर पर मृदा वैज्ञानिक भगवत सिंह खेरावत, संजय शर्मा, भंवानी शंकर तथा बायफ संस्था के सुभाष गोदारा, प्रगतिशील किसान जितेन्द्र सिंह, कालूराम, सुरेन्द्र गोदारा, राजूराम एवं ओंकारनाथ व अन्य किसान उपस्थित रहे।