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पानी के लिये बवाल : PHED कार्यालय पर मटके फोड़े, MLA जेठानन्द के दफ्तर पहुंचे, विधायक ने अधिकारियों को लगाई फटकार

 
RNE Bikaner
भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे बीकानेर के बंगला नगर क्षेत्र में सोमवार को लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। वार्ड संख्या 19 में लंबे समय से कम दबाव और दूषित पानी की आपूर्ति से परेशान सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने पार्षद माणकलाल कुमावत के नेतृत्व में जलदाय विभाग (PHED) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मटके फोड़कर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल समाधान की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही है। लोगों को मात्र पांच से सात मिनट तक ही पानी मिल रहा है, वह भी कम दबाव के साथ। सबसे गंभीर समस्या यह है कि सप्लाई होने वाला पानी बदबूदार और दूषित है, जिससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
पार्षद माणकलाल कुमावत ने कहा कि पूरे शहर में जलापूर्ति व्यवस्था सामान्य होने के बावजूद बंगला नगर के साथ लगातार उपेक्षा बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण क्षेत्रवासी लंबे समय से परेशान हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस दौर में लोग पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और विभाग जिम्मेदारी निभाने में विफल साबित हो रहा है।

 

विधायक सेवा केंद्र पहुंचा जनसमूह
जलदाय विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी रैली के रूप में पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेठानंद व्यास के सेवा केंद्र पहुंचे। वहां लोगों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए विधायक को ज्ञापन सौंपा और त्वरित हस्तक्षेप की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक जेठानंद व्यास ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता (SE), अधिशाषी अभियंता (XEN) और सहायक अभियंता (AEN) से फोन पर बात की। विधायक ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए बंगला नगर क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था में तुरंत सुधार करने, सप्लाई की अवधि बढ़ाने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आंदोलन की चेतावनी
पार्षद माणकलाल कुमावत ने चेतावनी दी कि यदि आने वाले दिनों में क्षेत्र की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो जलदाय विभाग के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर विभाग का घेराव किया जाएगा और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और विभाग की होगी।
प्रदर्शन में क्षेत्र की महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय नागरिक भी आंदोलन में शामिल हुए। पेयजल संकट को लेकर बढ़ता जनाक्रोश अब प्रशासन और जलदाय विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है।