महावीर रांका का टिकट कटने पर वैश्य समाज बोला-राजनीतिक षड्यंत्र, अपमान सहन नहीं
Rudra News Express Bikaner.
बीकानेर नगर निगम चुनाव में महावीर रांका का टिकट कटने को लेकर वैश्य समाज में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार रात भीनासर स्थित ओसवाल पंचायती में हुई वैश्य समाज की चिंतन बैठक में बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि जुटे। बैठक में वक्ताओं ने इसे किसी व्यक्ति या पार्टी के विरोध का अभियान नहीं बताते हुए समाज के राजनीतिक सम्मान, प्रतिनिधित्व और हितों की रक्षा का मुद्दा बताया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वैश्य समाज के किसी प्रतिनिधि के साथ राजनीतिक स्तर पर अन्याय, अपमान या षड्यंत्र होता है तो समाज चुप नहीं रहेगा। इस मामले को पार्टी संगठन से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और निष्पक्षता की मांग करने का निर्णय लिया गया।
व्यापार मंडल अध्यक्ष जुगल राठी ने समाज को एकजुट करने के लिए अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस बार किसी के बहकावे में नहीं आना है, समाज को सिर्फ न्याय चाहिए।
डॉ. नरेश गोयल ने कहा कि वैश्य समाज संख्या और सामर्थ्य दोनों में मजबूत है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी से पहले समाज के साथ खड़े हैं।
हिन्दू नववर्ष समारोह समिति के संयोजक गणेश बोथरा ने वैश्य समाज की वास्तविक संख्या का सर्वे कराने और बीकानेर स्तर पर मजबूत संगठन बनाने की जरूरत बताई।
पूर्व मनोनीत पार्षद बच्छराज नाहटा ने कहा कि निगम चुनाव संयोजक, जिलाध्यक्ष, प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर पूरे प्रकरण में निष्पक्षता की मांग की जानी चाहिए।
शिखरचंद डागा ने कहा कि समाज के किसी व्यक्ति की राजनीतिक प्रगति रोकने के लिए षड्यंत्र किया जाता है तो समाज के लोगों को अपने दायित्वों से ऊपर उठकर समाज के साथ खड़ा होना चाहिए।
मनीष बाफना ने इसे वैश्य समाज के लिए चिंतन और संघर्ष का समय बताया। उन्होंने कहा कि समाज कब तक शोषित होकर दूसरों को पोषित करता रहेगा।
जेठमल सेठिया ने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल वैश्य समाज के साथ कुचक्र करता है तो समाज को अपने संसाधनों के उपयोग को लेकर भी विचार करना चाहिए।
किशोर भंसाली ने कहा कि समाज सभी का सहयोग करता है, लेकिन यदि किसी जनप्रतिनिधि की हठधर्मिता से समाज की प्रतिभा को नुकसान पहुंचता है तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध होना चाहिए।
एडवोकेट महेंद्र जैन ने समिति गठित कर अभियान को आगे बढ़ाने और पूरे वैश्य समाज तक प्रकरण की जानकारी पहुंचाने का सुझाव दिया।
सुरेंद्र पटवा ने कहा कि समाज के हित पर चोट होने पर संगठित होकर उचित प्रतिकार की जरूरत है। वहीं सुरेंद्र डागा ने कहा कि समाज को अपने मत और संसाधनों की ताकत का भी अहसास कराना होगा।
सुमति चौरड़िया ने दूरदर्शी और सकारात्मक चिंतन की आवश्यकता जताई। सुरेंद्र कोचर ने अभियान को जारी रखते हुए स्थायी संगठन बनाने की बात कही।
न विरोध का अभियान, न किसी प्रत्याशी के खिलाफ :
बैठक में स्पष्ट किया गया कि अभियान किसी समाज या वैश्य समाज के किसी प्रत्याशी के विरोध में नहीं है। समाजजनों ने कहा कि उद्देश्य केवल उन लोगों के खिलाफ आवाज उठाना है, जो कथित रूप से गलत लांछन लगाते हैं, षड्यंत्र करते हैं और समाज के हितों को प्रभावित करते हैं। समाज का लक्ष्य संबंधित संगठन और जिम्मेदार लोगों के सामने अपनी बात रखकर उचित न्याय हासिल करना है।
बैठक में समाज की एकता के नारे भी लगे। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों ने भविष्य में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर संगठित होकर निर्णय लेने का संकल्प जताया।
ये निर्णय हुए :
- वैश्य समाज का मजबूत और सशक्त संगठन बनाया जाएगा।
- निगम चुनाव से जुड़े प्रकरणों को लेकर मुख्यमंत्री और पार्टी संगठन को ज्ञापन दिया जाएगा।
- 5 से 7 सितम्बर के बीच बड़ी बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आगामी रणनीति घोषित की जाएगी।
- समाज किसी के विरोध की राजनीति नहीं करेगा, लेकिन अपने हित, सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अब सजग रहेगा।
बैठक में जगदीश सारडा, विमल चौरड़िया, जगदीश राठी, गुलाब दफ्तरी, अरुण जैन, पूजा मोहता, करणीदान रांका, मनोज सेठिया, कमल डागा, राजेश बैद, इंदरचंद गोलछा, सुधीर लूणावत, राजेश बुच्चा, भंवर सेठिया, मुकेश सोनावत सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। संचालन मनीष बाफना ने किया और आभार पानमल डागा ने जताया।