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पहलाज निहलानी का निधन : गोविंदा और चंकी पांडे को लॉन्च किया, सेंसर बोर्ड अध्यक्ष के तौर पर छाप छोड़ी

 
RNE Mumbai
हिंदी सिनेमा जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज फिल्म निर्माता, वितरक और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का गुरुवार को मुंबई में निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे। उनके निधन से फिल्म उद्योग में शोक की लहर है।
10 जनवरी 1950 को जन्मे पहलाज निहलानी ने वर्ष 1982 में फिल्म ‘हथकड़ी’ से बतौर निर्माता अपने करियर की शुरुआत की थी। हालांकि उन्हें सबसे ज्यादा पहचान वर्ष 1986 की फिल्म ‘इल्जाम’ से मिली, जिसने अभिनेता गोविंदा को बॉलीवुड में बड़ा ब्रेक दिया। इसके बाद 1987 में आई फिल्म ‘आग ही आग’ के जरिए उन्होंने अभिनेता चंकी पांडे को फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च किया।
कई सुपरहिट फिल्मों का किया निर्माण
पहलाज निहलानी ने अपने करियर में कई सफल फिल्मों का निर्माण किया। इनमें ‘शोला और शबनम’, ‘आंखें’, ‘अंदाज’, ‘दिल तेरा दीवाना’, ‘भाई-भाई’, ‘तलाश’ और ‘रंगीला राजा’ जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं। उनकी फिल्मों ने 1980 और 1990 के दशक में हिंदी सिनेमा को कई यादगार किरदार और गीत दिए।
सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी रहे चर्चा में
जनवरी 2015 में उन्हें केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने फिल्मों की सामग्री को लेकर सख्त रुख अपनाया। कई फिल्मों में कट लगाने और सेंसरशिप को लेकर उनके फैसले लगातार बहस और विवाद का विषय बने रहे। फिल्म ‘उड़ता पंजाब’, जेम्स बॉन्ड फिल्म ‘स्पेक्टर’ और कई अन्य फिल्मों पर उनके फैसलों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी। आलोचकों ने उन पर अत्यधिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया, जबकि निहलानी का कहना था कि वे केवल अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
गोविंदा के करियर में निभाई अहम भूमिका
पहलाज निहलानी और गोविंदा की जोड़ी बॉलीवुड की सफल जोड़ियों में गिनी जाती है। गोविंदा की शुरुआती सफलता में निहलानी का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और दर्शकों को मनोरंजन से भरपूर फिल्में दीं। पहलाज निहलानी के निधन पर फिल्म उद्योग से जुड़े कई कलाकारों, निर्माताओं और तकनीशियनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के वर्तमान अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को याद किया।