Car Purchase : महिंद्रा के साथ टाटा मोटर्स की ऊंची छलांग, कार बिक्री में हुंडई को पछड़ा
भारत में अचानक ही इलेक्ट्रिक कारों के प्रति लोगों को रुझान बढ़ा है। इसके कारण इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करने वाली कंपनियों ने उनकी प्रतिद्वंदी कंपनियों को पिछड़ दिया है। यही वजह है कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 2024-25 के मुकाबले करीब 84% बढ़कर 199,923 वाहन तक पहुंच गई। देश में कारों की बिक्री 47 लाख यूनिट्स में से ईवी की हिस्सेदारी 4.2% से अधिक रही।
इलेक्ट्रिक कारों के दम पर ही महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ टाटा मोटर्स ने हुंडई को पीछे छोड़ दिया। कारों की कुल बिक्री के मामले में महिंद्रा की बढ़त में ईवी का 30% और टाटा मोटर्स की बढ़त में 26% योगदान रहा। इससे मारुति सुजुकी के बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा देश की दूसरी टाटा मोटर्स तीसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई। हुंडई चौथे स्थान पर खिसक गई।
टेस्ला नई कंपनियों से पिछड़ी
फिलहाल मारुति सुजुकी और हुंडई के पास भारत में ज्यादा इलेक्ट्रिक मॉडल नहीं हैं लेकिन वे भी बड़े निवेश की तैयारी में हैं। 2025-26 में भारत में टेस्ला के साथ विनफास्ट जैसी कई नई कर कंपनियों की एंट्री हुई। भारत में ईवी की रेस में वियतनामी विनफास्ट और चीन की बीवाइडी जैसी नई विदेशी कंपनियों ने टेस्ला को काफी पीछे छोड़ दिया है।
टेस्ला ने जुलाई 2025 में भारत में प्रवेश किया। उसने वित्त वर्ष में 342 वाहन बेचे। विनफास्ट ने टेस्ला से 7 गुना 2.390 वाहनों की डिलिवरी की। बीवाइडी ने 5,361 ईवी बेची जो पिछले साल से 54% ज्यादा है और देश में टेस्ला की कुल बिक्री का 15 गुना है।
किस कंपनी ने कितनी कारें बेचीं
कंपनी कुल बिक्री कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी
मारुति सुजुकी 18,61,704 0.07%
महिंद्रा 6.31.638 6.76%
टाटा मोटर्स 6,13,513 12.84%
हुंडई इंडिया 5,78,337 1.01%
टोयोटा 3,67,107 0.01%
(2025-26 में बिकीं कुल कारें, इनमें पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक शामिल)