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Epfo Interest : पीएफ पर बनी यह भ्रांति को तोड़ दो, जाम राशि पर तीन साल नहीं बल्कि इतने साल तक मिलेगा ब्याज

आज की बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में बहुत सी कंपनियां समय-समय पर लेऑफ करती रहती है।
 

 निजी क्षेत्र में काम करने वाले  कर्मचारियों को अक्सर नौकरी जाने के बाद पीएफ खाते में ब्याज राशि नहीं मिलने का डर सकताता रहता है। उनको लगाता है कि तीन साल तक ही उनके जमा राशि पर ब्याज मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं है। सरकार की तरफ से इस नियम में संशोधन किया जा चुका है।

प्राइवेट सेक्टर में नौकरी जाने के बाद भी लगातार ब्याज मिलता रहेगा, लेकिन इसमें नियम है कि नौकरी करने वाले की उम्र 58 साल नहीं होनी चाहिए। अगर युवा वर्ग में नौकरी चली जाती है तो उसको ब्याज की राशि लंबे समय तक मिलती रहेगी। राशि पर ब्याज भी उसी तरह से मिलता रहेगा, जो कर्मचारिया रेगुलर नौकरी करते है। 

ऐसे में बहुत से लोगों के मन में सवाल उठता है कि अगर उन्होंने नौकरी छोड़ दी और 4-5 साल से नौकरी नहीं की है तो क्या उनके पीएफ पैसों पर ब्याज मिलती है या नहीं? आज हम आपको इसी सवाल का जवाब देंगे।

नौकरी जाने के बाद PF पर ब्याज मिलता है कि नहीं?

आज की बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में बहुत सी कंपनियां समय-समय पर लेऑफ करती रहती है। बहुत से लोग बेरोजगार हो जाते हैं। कई लोगों को नौकरी मिलने में सालों साल लग जा रहे हैं। बहुत से लोगों को तो नौकरी लगती ही नहीं। ऐसे समय में पीएफ में जमा पैसा ही उनका सहारा होता है।

सालों से, सैलरी पाने वाले कर्मचारियों का मानना रहा है कि तीन साल तक कोई एक्टिविटी न होने पर PF पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। इस सोच की वजह से कई लोग जल्द ही अपना पैसा निकाल लेते हैं।
लेकिन आपको पता होना चाहिए कि नौकरी छोड़ने के बाद भी आपको पीएफ के पैसों पर ब्याज मिलता है। यह बहुत कम लोगों को पता है।

3 साल तक नहीं 58 साल की उम्र तक मिलता है ब्याज

सोशल मीडिया पर अक्सर हमें ये देखने, सुनने या पढ़ने को मिलता है कि नौकरी छोड़ने के बाद 3 साल तक ही पीएफ में जमा पैसों पर ब्याज मिलता है। लेकिन यह तक होता है जब आप 58 वर्ष की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। लेकिन अगर आपकी नौकरी पहले चली गई है। और कई सालों से आपके पीएफ अकाउंट में योगदान नहीं हुआ तो आपकी 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहेगा।

जिस तीन साल की लिमिट का अक्सर ज़िक्र होता है, उसे सालों से गलत समझा जा रहा है। यह कन्फ्यूजन पुरानी गाइडेंस से पैदा हुआ है जिसमें कहा गया था कि बिना किसी योगदान के लगातार तीन साल बाद ब्याज बंद हो सकता है। हालांकि, सरकार ने 2016 में EPF नियमों में संशोधन के बाद इस स्थिति को साफ किया था।

तीन साल का आम नियम पुराने दिशानिर्देशों और EPFO के FAQ से आया है, जिसमें कहा गया है कि बिना किसी योगदान के लगातार तीन साल बाद ब्याज बंद हो सकता है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि 2016 के संशोधन के बाद, कोई अकाउंट 58 साल की उम्र के बाद ही इनएक्टिव माना जाएगा और ब्याज भी उसी समय से बंद होगा।