Soybean rate : खाद्य तेलों का आयात में कमी, सोयाबीन रिफाइंड तेल में आया जोरदार उछाल
बढ़ते तनाव ने पाम तेल और सोया तेल की चाल को काफी अनिश्चित बना दिया है। जहां बाजार में उतार चढ़ाव की स्थिति का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है। वर्तमान में सोया तेल के भाव में जोरदार उछाल आया है, लेकिन इन भाव पर लेवाली कम है। ईरान से तुर्की पाइपलाइन सप्लाई की खबर से कमजोरी आई।
बढ़ती कीमतों और युद्ध के डर से मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है और घरेलू बाजारों में ट्रेडर्स लंबी अवधि (अप्रैल/मई) के लिए खरीद करने से बच रहे हैं। कांडला सोया तेल 1400 रुपए के रेजिस्टेंस को पार करके उसके ऊपर टिक गया है, जो बाजार के लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है, और अब अगला बड़ा स्तर सीधे 1500 रुपए का दिख रहा है। अगर युद्ध 7-10 दिन तक चलता है तो सोया तेल में 4-5 प्रति किलो और बढ़ सकता है, जबकि 10-15 दिन तक तनाव रहने पर यह तेजी 7-10 रुफए प्रति किली तक जा सकती है।
एक अग्रणी व्यापार विश्लेषक फर्म का कहना है कि भारत में जनवरी के मुकाबले फरवरी में खाद्य तेलों का आयात 1.5 प्रतिशत गिरकर 12.90 लाख टन रह गया। यद्यपि इस अवधि में पाम तेल एवं सोयाबीन तेल का आयात बढ़ा लेकिन सूरजमुखी तेल के आयात में भारी गिरावट दर्ज की
लूज तेल (प्रति दस किलो): इंदौर मूंगफली तेल 1750 से 1770, मुंबई मूंगफली तेल 1780, इंदौर सोयाबीन रिफाइंड 1470 से 1472 इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 1395 से 1400, मुंबई सोया रिफाइंड 1440, मुंबई पाम तेल 1430, इंदौर पाम 1475, राजकोट तेलिया 2750, गुजरात लूज 1730, कपास्या तेल इंदौर 1360 रुपए। तिलहन सरसों निमाड़ी (बारीक) 5300 से 6600, रायडा 5700 से 6000, सोयाबीन 3400 से 5500 रुपए क्विंटल। सोयाबीन डीओसी स्पॉट 40500 रुपए टन।
कपास्या खली (60 किलो भरती) बिना टेक्स भाव इंदौर 2430, देवास 2430, उज्जैन 2430, खंडवा 2400, बुरहानपुर 2400, अकोला 3725 रुपए। गई। विश्लेषक फर्म के अनुसार जनवरी की तुलना में फरवरी के दौरान पाम तेल का आयात 11 प्रतिशत बढ़कर 8.48 लाख टन तथा सोयाबीन तेल का आयात 7 प्रतिशत सुधरकर 2.99 लाख टन पर पहुंचा जबकि सूरजमुखी तेल का आयात 45 प्रतिशत घटकर 1.45 लाख टन पर अटक गया। फरवरी 2026 के दौरान भारत में रूस से 54,300 टन, यूक्रेन से 42 हजार टन तथा अर्जेंटीना से 15 हजार टन सूरजमुखी तेल का आयात हुआ जबकि शेष आयात कुछ अन्य देशो से किया गया।