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' इस चेहरे के साथ डॉक्टर बनोगी ? ' कहकर उपहास करना भारी पड़ा, मजाक उड़ाने से आहत मेडिकल छात्रा ने फांसी लगाई

 

RNE Network.

बेंगलुरु के एक डेंटल कॉलेज में पढ़ने वाली 23 वर्षीय छात्रा यशस्विनी ने अपने घर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार के अनुसार, वह पिछले एक साल से कॉलेज के कुछ लेक्चरर्स की ओर से लगातार मानसिक उत्पीड़न का शिकार थी।
 

मां परिमला ने शिकायत में आरोप लगाया कि टीचर्स ने यशस्विनी के सांवले रंग पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की, जैसे कि इस चेहरे के साथ डॉक्टर कैसे बनोगी ? उसके कपड़ो और ड्रेसिंग स्टाइल का भी मजाक उड़ाया। 
 

आंखों के दर्द के कारण एक दिन छुट्टी लेने पर अगले दिन छात्रों के सामने उसे अपमानित किया गया। जिसमें आंखों की दवा पर व्यंग्यात्मक सवाल किए गए और सेमिनार में भाग न लेने पर सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाया गया। यशस्विनी ओरल मेडिसन एंड रेडियोलॉजी विभाग में थर्ड ईयर की छात्रा थी और डॉक्टर बनने का सपना देखती थी। परिवार का दावा है कि उत्पीड़न के कारण उसे रेडियोलॉजी केस नहीं दिए गए। 
 

सेमिनार में कम अंक मिले और लगातार अपमान से वह टूट गयी। उसने सुसाइड नोट में खुद को जिम्मेदार बताया, लेकिन मां का कहना है कि यह दबाव में लिखा गया। घटना के बाद कॉलेज में छात्रों ने मोर्चरी के बाहर जस्टिस फ़ॉर यशस्विनी के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने इसके पीछे के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।