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Bikaner : Cyber ठगी के लिये बैंक खाते जुटाने वाला राजेश प्रजापत पकड़ा गया,  6 म्यूल बैंक खातों में करीब 30 लाख रुपए का लेनदेन
 

इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट की रकम का कनेक्शन
 

Rudra News Express Bikaner. 

बीकानेर पुलिस ने साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए आम लोगों से बैंक खाते हासिल कर उन्हें साइबर ठगों को उपलब्ध कराने के आरोप में 21 वर्षीय राजेश प्रजापत निवासी रामपुरा बस्ती, गली नंबर 02 को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी का अपना बैंक खाता साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के कारण फ्रीज हो गया था। इसके बाद उसने कथित रूप से दूसरे लोगों के बैंक खाते हासिल कर उनमें ठगी की रकम का लेनदेन शुरू कर दिया।

जांच में आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए 6 बैंक खातों का साइबर ठगी की शिकायतों से कनेक्शन सामने आया है। इन खातों में करीब 30 लाख रुपए की साइबर ठगी की रकम का लेनदेन पाया गया। इनमें इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी रकम भी शामिल बताई गई है।  

अपना खाता फ्रीज हुआ तो दूसरों के खाते जुटाने लगा : 

पुलिस के अनुसार राजेश का स्वयं का बैंक खाता साइबर ठगी की राशि के लेनदेन के कारण फ्रीज हो गया था। इसके बाद उसने आम लोगों से धोखाधड़ीपूर्वक बैंक खाते हासिल किए और इन खातों में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किया। इन खातों को आगे साइबर ठगी के गिरोह को उपलब्ध कराने का भी आरोप है।  

म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए ठगी की रकम का खेल : 

साइबर अपराध में ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनके जरिए ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर कर उसकी वास्तविक कड़ी छिपाने की कोशिश की जाती है। पुलिस की जांच में राजेश से जुड़े 6 बैंक खातों में करीब 30 लाख रुपए के लेनदेन का पता चला है। 

पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के नेतृत्व में कार्रवाई : 

यह कार्रवाई बीकानेर जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, बैंकिंग दस्तावेज या अन्य बैंकिंग सुविधाएं किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं करवाएं। यदि किसी व्यक्ति के खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में होता है तो वह भी पुलिस जांच के दायरे में आ सकता है। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करने की अपील की गई है।