श्रीगंगानगर बॉर्डर पर नशे की तस्करी नाकाम, हेरोइन-अफीम के साथ दो संदिग्ध हिरासत में
RNE Network.
श्रीगंगानगर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी की कोशिश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया। रावला से लगते सखी बॉर्डर इलाके में BSF, पुलिस और CID की संयुक्त कार्रवाई में दो स्थानीय संदिग्ध तस्करों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान दो पैकेट बरामद हुए, जिनमें एक में हेरोइन और दूसरे में अफीम होने की जानकारी है। एजेंसियां अब सीमा पार से जुड़े पूरे तस्करी नेटवर्क और मादक पदार्थों की आगे होने वाली सप्लाई के बारे में पूछताछ कर रही हैं।
श्रीगंगानगर से इस वक्त की बड़ी खबर है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी की एक और कोशिश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया है। रावला से लगते सखी बॉर्डर इलाके में BSF, पुलिस और CID की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो स्थानीय संदिग्ध तस्करों को हिरासत में लिया है। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से हेरोइन और अफीम बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
सुरक्षा एजेंसियों को सीमा क्षेत्र में तस्करी की गतिविधि की सूचना मिली थी। इसके बाद BSF, पुलिस और CID की संयुक्त टीम ने सखी बॉर्डर इलाके में कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से दो पैकेट बरामद किए गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक एक पैकेट में हेरोइन, जबकि दूसरे पैकेट में अफीम मिली है। बरामद मादक पदार्थों को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपी रावला क्षेत्र के स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं। अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच का फोकस इस बात पर है कि मादक पदार्थ सीमा पार से किस नेटवर्क के जरिए यहां तक पहुंचे और इनकी आगे कहां सप्लाई की जानी थी। पूछताछ के आधार पर एजेंसियां तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। साथ ही सीमा पार से संचालित नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर उसके संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। पकड़े गए दोनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर तस्करी के पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रीगंगानगर से लगती भारत-पाकिस्तान सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। ऐसे में संयुक्त कार्रवाई को सीमा सुरक्षा और तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम माना जा रहा है। फिलहाल दोनों संदिग्ध सुरक्षा एजेंसियों की हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों और नेटवर्क के बारे में और खुलासे होने की उम्मीद है।