Rajasthan Police : जोधपुर पुलिस ने 1100 करोड़ रूपए की ठगी मामले में छह आरोपियों को पकड़ा
RNE Jodhpur.
राजस्थान के जोधपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। जोधपुर पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए करीब 1100 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में राजस्थान और पंजाब के लोग शामिल है।
यूं चल रहा था साइबर क्राइम
पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि यह गिरोह भारत से फर्जी सिम कार्ड कंबोडिया भेजकर वहां से ऑनलाइन ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट स्कैम चला रहा था। जांच में करीब 2.30 लाख सिम का डेटा मिला है, जिनमें से 36 हजार सिम कंबोडिया में सक्रिय थीं। गिरोह के सदस्य सिम विक्रेताओं के जरिए अतिरिक्त सिम प्राप्त कर उन्हें विदेशों में बैठे ठगों को पहुंचाते थे। पुलिस ने विदेशी आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है।
यूं हो रहा डिजिटल धोखा
पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि चौंकाने वाले तथ्य बताए। कहा, कंबोडिया से ऑपरेट होने वाले हजारों व्हाट्सऐप नंबर भारतीय नागरिकों के नाम पर पंजीकृत सिम कार्ड्स पर सक्रिय थे। करीब 2.30 लाख सिम कार्ड का संदिग्ध डेटा मिला। इनमें से 36 हजार सिम कंबोडिया में एक्टिव पाई गईं। हैरानी की बात यह है कि महज 5,300 सिम के जरिए ही देश भर के विभिन्न राज्यों में 1100 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया जा चुका था।
ऐसे देते हैं धोखा
कोई ग्राहक सिम खरीदने आता है तो फिंगरप्रिंट या फोटो स्कैनिंग में 'तकनीकी त्रुटि' का बहाना बनाकर उससे दोबारा बायोमेट्रिक करवाते थे। इस बहाने ग्राहक के नाम पर एक अतिरिक्त सिम निकाल ली जाती थी। ये फर्जी सिम मलेशियाई नागरिकों के जरिए कंबोडिया के ठग कॉल सेंटरों तक पहुंचाई जाती थीं, जहाँ से इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग स्कैम किए जाते थे।
ये पकड़े गए
नागौर के हेमन्त पंवार एवं रामावतार राठी, किशनगढ़ के हरीश मालाकार, जोधपुर के मोहम्मद शरीफ एवं प्रकाश भील तथा लुधियाना पंजाब के संदीप भट्ट को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में शामिल विदेशी मलेशियाई नागरिकों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाई जाएगी।