{"vars":{"id": "127470:4976"}}

आवारा कुत्तों की वफादारी बनी मिसाल : "शेरु-रॉकी" ने 45 वर्षीय मालकिन का शव ढूंढ हत्या का पर्दाफाश किया

 

RNE Haryana.

जिन्हें गली के कुत्ते या आवारा कुत्ते कहकर नजरंदाज किया जाता है वे जरूरत के वक्त वफादार की ऐसी मिसाल पेश कर जाते हैं कि देखने-सुनने वाले हैरान रह जाएं। ऐसा ही कुछ किया है "शेरु" और "रॉकी" ने। इन दोनों ने वफादारी की ऐसी मिसाल पेश की है जैसी संभवतया आज तक नहीं देखी-सुनी गई।

मामला हरियाणा के फरीदाबाद का है। यहां 6 दिन से लापता महिला की हत्या की गुत्थी पुलिस ने नहीं, बल्कि दो आवारा कुत्तों ‘शेरू’ और ‘रॉकी’ ने सुलझा दी। हुआ यूं कि बल्लभगढ़ की कबूलपुर कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय अनीता देवी लापता थीं। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। अनीता के न होने से गली के दो कुत्ते भी उदास और बेचैन नजर आ रहे थे। "शेरु" और "रॉकी"  नाम के इन कुत्तों को अनीता रोज रोटी खिलाती, पुचकारती, प्यार करती थी।

कुत्तों ने पहले साड़ी ढूँढ़ी, फिर नाले में कूद शव दिखाया :

15 अप्रैल को अनीता के लापता होने के बाद से ही "शेरु" और "रॉकी" भी उन जगहों पर घूम रहे थे जहां पुलिस-परिजन तलाश कर रहे थे। इसी दौरान जब परिजन मोहला गांव के पास एक नाले के किनारे तलाश कर रहे थे, तभी ‘शेरू’ और ‘रॉकी’ अचानक झाड़ियों की ओर दौड़े और जोर-जोर से भौंकने लगे। परिजनों ने उन्हें हटाने की कोशिश की, लेकिन कुत्तों ने वहीं से अनीता की साड़ी ढूंढ निकाली। इसके बाद ‘शेरू’ नाले में कूद गया, जिससे जलकुंभी के नीचे छिपा शव दिखाई दे गया। इस तरह कुत्तों की सूझबूझ ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।

पड़ोसी बाप-बेटे ने मिलकर मारा :

पुलिस जांच में सामने आया कि अनीता की हत्या उनके पड़ोसी पिता-पुत्र ने मिलकर की थी। आरोपी परमजीत 15 अप्रैल को गैस सिलेंडर देने के बहाने अनीता के घर पहुंचा और बाद में बिजली बिल भरवाने का झांसा देकर उन्हें बाइक पर ले गया। रास्ते में उसने बेरहमी से हत्या कर दी और अपने पिता जगमिंदर डागर के साथ मिलकर शव को नाले में फेंक दिया।

बाप गिरफ्तार, बेटे की तलाश :
 

पुलिस ने आरोपी पिता जगमिंदर डागर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं मुख्य आरोपी परमजीत अभी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
 

इस घटना ने एक ओर जहां रिश्तों को शर्मसार किया है, वहीं ‘शेरू’ और ‘रॉकी’ की वफादारी ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है।