Ayodhya Ram Mandir चढ़ावा चोरी के 08 आरोपी कोर्ट में पेश, जेल भेजा
RNE Ayodhya.
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा और दान में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को फैजाबाद के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
इनके खिलाफ FIR :
इससे पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और मनीष कुमार यादव सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत चोरी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। यह कार्रवाई विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें कठोर कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। टीम में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं संत समाज ने एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच की मांग दोहराई है।
इधर, कई संतों ने एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और राम भक्तों के दान से जुड़ी किसी भी अनियमितता पर पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित हो।
वहीं, बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था और अब उसी दिशा में कार्रवाई होती दिखाई दे रही है।