Ayodhya Airport : रामभक्तों के लिए खुशखबरी, अयोध्या के एयरपोर्ट का पांच एकड़ में होगा विस्तार
देश के व्यस्त शहरों में जाने जाने वाले अयोध्या के एयरपोर्ट का सरकार ने विस्तार करने का फैसला लिया है। इसके बाद अयोध्या एयरपोर्ट से घरेलू के साथ अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की सुविधाएं बढ़ जाएगी। इसके बाद देश के साथ विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ा फायदा होगा। इसके बाद फ्लाइटों की संख्या बढ़ाने के साथ ही रामनगरी को देश के अन्य शहरों से भी जोड़ा जाएगा। द्वितीय चरण के निर्माण में रन-वे, टर्मिनल, एयरोब्रिज, सड़क, एयर ट्रैफिक सर्विसेज सेंटर (हवाई यातायात सेवा केंद्र), कार व फ्लाइट के लिए पार्किंग सहित कई अन्य सुविधाएं शामिल हैं।
अयोध्या एयरपोर्ट का विस्तार लगभग पांच एकड़ जमीन पर होगा। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। एयरपोर्ट के विस्तार पर लगभग 17 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च होंगे। पहले चरण के निर्माण में लगभग 14 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च हुए थे।
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2023 में 30 दिसंबर को एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था। इसके बाद से अब तक बीते दो वर्षों में सात लाख 85 हजार से अधिक यात्रियों ने उड़ानें भरी।
एयरपोर्ट के द्वितीय चरण का निर्माण लीज एग्रीमेंट होने के बाद शुरू होगा। इसके लिए विभागीय प्रक्रिया चल रही है। अब यहां दो टर्मिनल होंगे। पहला अंतरराष्ट्रीय व दूसरा डोमेस्टिक होगा।
इसमें 50 हजार वर्गमीटर में डोमेस्टिक टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण होगा, जिसमें अधिक भीड़ होने के दौरान एक साथ चार हजार यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी।
पहले से बढ़कर अब इसका क्षेत्रफल 56 हजार पांच सौ वर्गमीटर हो जाएगा। इसी तरह रन-वे काे बढ़ाकर 3750 मीटर किया जाएगा। निर्माण के बाद 1550 मीटर की वृद्धि होगी। पहले यह मात्र 22 सौ मीटर ही था। एयर क्राफ्ट के लिए पार्किंग के क्षेत्रफल को और बढ़ाया जाएगा। इसमें 18 नए एयर क्राफ्ट की व्यवस्था होगी।
वृद्धि होने के बाद यहां 26 एयर क्राफ्ट पार्क हो सकेंगे। द्वितीय चरण में मल्टीलेवल कार पार्किंग भी निर्मित होगी। इसमें एक हजार कारें पार्क हो सकेंगी। इसके अलावा ओपेन एरिया में भी 350 कारें खड़ी करने की व्यवस्था होगी।
इतना ही नहीं टर्मिनल से फ्लाइट तक यात्रियों के आवागमन के लिए छह एयरोब्रिज बनाए जाएंगे। एप्रोच रोड का भी विस्तार होगा। चार के बजाय आठ लेन की सड़क बनेगी और अलग से एक हवाई यातायात सेवा केंद्र बनेगा।