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Digital Census : डिजिटल जनगणना का बजा बिगुल, खुद ही आनलाइन इस तरीके से भर सकेंगे फार्म 

16 अप्रैल से पोर्टल पर शुरू होगी स्व-गणना; डेटा भरते ही मोबाइल पर आएगा यूनिक नंबर

 

हरियाणा में डिजिटल जनगणना-2027 का बिगुल बज चुका है। इस बार की जनगणना न केवल हाईटिक होगी, बल्कि यह नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने का अधिकार भी देगी। प्रशासन ने इसका पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। सबसे बड़ा बदलाव स्व-गणना के रूप में सामने आया है, जो 16 अप्रैल से शुरू होने जा रही है और 30 अप्रैल तक चलेगी।

दरअसल, इस बार की जनगणना पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होगी। रेवाड़ी जिले में पहले चरण के तहत 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस का कार्य चलेगा। इसमें हर घर की मैपिंग और नंबरिंग की जाएगी। इसके ठीक बाद 1 मई से वास्तविक डेटा कलेक्शन शुरू होगा, जो 30 मई तक चलेगा।

प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों की बात करें तो जिले में 33 मास्टर ट्रेनर्स को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। अब अगले चरण में 6 अप्रैल से 22 अप्रैल तक चार्ज अधिकारियों के स्तर पर सुपरवाइजर्स और एनुमेटर्स (गणक) की फील्ड ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी। इसमें उन्हें मोबाइल ऐप के संचालन और डेटा फीडिंग की बारीकियों से रूबरू कराया जाएगा।

33 सवालों का देना होगा जवाब

मकान सूचीकरण के दौरान इस बार नागरिकों से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इन सभी का सही उत्तर देना अनिवार्य है। इसमें घर की बनावट जैसे फर्श, दीवार और छत की सामग्री के साथ-साथ कमरों की संख्या पूछी जाएगी। बुनियादी सुविधाओं में पेयजल का स्त्रोत, बिजली, शौचालय की सुलभता, रसोई घर और एलपीजी पीएनजी कनेक्शन की जानकारी देनी होगी।

इसके अलावा घरेलू उपकरणों जैसे रेडियो, टीवी, इंटरनेट सुविधा, लैपटॉप, मोबाइल फोन और वाहनों (साइकिल, मोटर साइकिल से लेकर कार) की उपलब्धता पर भी सवाल होंगे। परिवार के मुखिया का नाम, उनकी जाति और विवाहित जोड़ों की संख्या का विवरण भी इस सर्वे का मुख्य हिस्सा रहेगा।

जनगणना का फार्म कैसे भरा जाएगा 

16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच जिले का नागरिक जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना और परिवार का विवरण दर्ज कर सकेगा।

रजिस्ट्रेशनः पोर्टल पर लॉग-इन कर अपनी जानकारी भरनी होगी।
यूनिक नंबर: डेटा सबमिट होते ही मोबाइल पर एक यूनिक आईडी या  रेफरेंस नंबर आएगा।

एनुमेटर कारोल: जब जनगणना कर्मी (एनुमेटर) घर-घर पहुंचेंगे, तो उन्हें लंबा इंटरव्यू लेने की जरूरत नहीं होगी। नागरिक केवल अपना यूनिक नंबर दिखाएंगे।

वेरिफिकेशन: एनुमेटर अपने ऐप में वह नंबर डालेगा, जिससे सारा डेटा स्वतः स्क्रीन पर आ जाएगा। इसे केवल मौके पर सत्यापित (वेरिफाई) किया जाएगा। इससे समय बचेगा और गलतियों की गुंजाइश खत्म होगी।