Gorakhpur : 30 का मोतियाबिंद ऑपरेशन, 09 की रोशनी गई, 09 की आंखें निकालनी पड़ी!
RNE Gorakhpur-UP.
गोरखपुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों की रोशनी जाने का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। सिकरीगंज थाना क्षेत्र स्थित राजेश आई केयर में 1 फरवरी को लगाए गए कैंप में 30 मरीजों का ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि 24 घंटे के भीतर 18 मरीजों की आंखों में दर्द और संक्रमण की शिकायत सामने आई। जांच में 9 मरीजों की आंखों की रोशनी चली जाने और 9 की आंखें बुरी तरह प्रभावित होने की पुष्टि हुई, जिन्हें निकालना पड़ा।
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर ऑपरेशन थिएटर को सीज कर दिया और अस्पताल को बंद करा दिया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राजेश झा ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। परिजनों में आक्रोश है और वे जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, सिकरीगंज थाना क्षेत्र स्थित राजेश आई केयर में 1 फरवरी को कैंप लगाया गया था। कैंप में आए मरीजों में 30 की आंखों में मोतियाबिंद की शिकायत पाए जाने के बाद उनका ऑपरेशन किया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के 24 घंटे के अंदर ही 18 मरीजों की आंख में दिक्कत होने लगी। किसी की आंख में दर्द तो किसी की आंख में इंफेक्शन की शिकायत पाई गई।अस्पताल प्रबंधन द्वारा आनन-फानन में सभी मरीजों को गोरखपुर के सृजन हॉस्पिटल भेजा गया, जहां कल्चर जांच के बाद पाया गया कि इंफेक्शन के कारण 9 मरीजों के आंखों की रोशनी जाने का मामला सामने आया है।
इसकी जानकारी होते ही परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। इनमें से किसी ने अपने मरीज को दिल्ली तो किसी ने वाराणसी तो कोई अपने मरीज को लखनऊ लेकर भागा। डॉक्टरों की जांच में पाया गया कि इनमें से 9 मरीजों के आंख की रोशनी चली गई है, तो 9 की आंखें इस तरह इफेक्टेड हो चुकी थी कि उन्हें निकालना पड़ा है। मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को हुई तो हलचल मच गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में एडिशनल स्वास्थ्य अधिकारी और उनकी टीम ने कई अस्पतालों की जांच की।
फिलहाल राजेश आई हॉस्पिटल पूरी तरह बंद है। उसकी ओटी को सीज कर दिया गया है। इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं मेडिकल संगठन आईएमए के साथ मीटिंग कर सभी हॉस्पिटलों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है कि वह अपने यहां इन्फेक्शन का विशेष ध्यान रखें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही तत्काल इसकी जांच पड़ताल की गई है। अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है। जिस अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। उसे बंद कराया गया है। मामले की मजिस्ट्रेट जांच जारी है, जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।