Heatwave in Europe : फ्रांस में ट्रेनें रद्द, इटली, स्पेन, जर्मनी में भी चेतावनी
RNE Inernational Desk.
यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। महाद्वीप के कई देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिसके चलते फ्रांस, स्पेन, इटली और जर्मनी सहित कई देशों में हीटवेव को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
Spain में सप्ताहभर गर्मी का प्रकोप:
स्पेन की राष्ट्रीय मौसम एजेंसी AEMET के अनुसार हीटवेव का असर सप्ताह के मध्य तक बना रह सकता है। देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
France : 71 इंटरसिटी ट्रेनें रद्द
भीषण गर्मी का असर फ्रांस की परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। रेलवे नेटवर्क पर तापमान बढ़ने से तकनीकी समस्याओं की आशंका को देखते हुए मुख्य मार्गों पर 71 इंटरसिटी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए फ्रांसीसी प्रशासन ने आपात बैठकें भी बुलाई हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है।
Itly के प्रमुख शहरों में रेड अलर्ट :
इटली सरकार ने मिलान, फ्लोरेंस सहित कई बड़े शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अत्यधिक गर्मी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और घरों में ठंडा वातावरण बनाए रखने की अपील की है।
Germany में देशव्यापी चेतावनी :
जर्मनी में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने देशव्यापी चेतावनी जारी करते हुए लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। कई क्षेत्रों में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने का अनुमान है।
वन्यजीव और पर्यावरण पर भी असर :
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए भी गंभीर चुनौती बन रही है। जल स्रोतों के सूखने और जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ गया है। कई देशों में वन विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
जलवायु परिवर्तन पर सवाल :
यूरोप में लगातार बढ़ती हीटवेव की घटनाओं ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण अत्यधिक गर्मी, सूखा और चरम मौसम की घटनाएं अधिक बार देखने को मिल रही हैं। यूरोप के कई देशों में फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती लोगों को गर्मी से सुरक्षित रखना और जरूरी सेवाओं को सुचारु बनाए रखना है। मौसम एजेंसियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।