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Hisar Airport : हिसार एयरपोर्ट से हर मौसम में 24 घंटे मिलेगी हवाई सेवाएं, आइएफआर संचालन की मिली स्वीकृति 

हिसार हवाई अड्डे की सुविधाओं में बड़े परिवर्तन हुए हैं
 

हिसार हवाई अड्डे की सुविधाओं में बड़े परिवर्तन हुए हैं। अब यहां इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (आइएफआर) के तहत न्यूनतम 1200 मीटर दृश्यता में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग संभव होगी। पहले यह सीमा 5000 मीटर थी।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से अधोसंरचना में किए गए सुधारों के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने आइएफआर संचालन की औपचारिक स्वीकृति प्रदान की है। यह उपलब्धि हवाई अड्डे की परिचालन क्षमता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को बढ़ाएगी। इससे अब हिसार एयरपोर्ट से चौबीस घंटे (दिन-रात) उड़ान संचालन की राह खुल गई है। अब हर मौसम में हवाई जहाज उतर सकेगा। हिसार एयरपोर्ट का एरोड्रम लाइसेंस अपग्रेड हो गया है।

आइएफआर से आसमान में सुरक्षा से परिचालन की बढ़ी क्षमता पायलट

बाहरी दृश्यता पर निर्भर हुए बिना काकपिट उपकरणों, नेविगेशन सिस्टम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देशों के आधार पर उड़ान, नेविगेशन और लैंडिंग कर सकेंगे। धुंध, प्रदूषण, रात या प्रतिकूल मौसम में भी उड़ानों का संचालन सुचारू हो पाएगा।

उड़ानों के रद होने में कमी आएगी और मार्ग परिवर्तन में उल्लेखनीय कमी आएगी और यात्रियों को समयबद्ध व सुरक्षित सेवाएं मिलेंगी। आइएफआर की स्वीकृति से हिसार हवाई अड्डा अब न केवल नियमित उड़ानों को बेहतर ढंग से संभालेगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और जयपुर एयरपोर्ट से डायवर्ट की गई

उड़ानों को भी संभालने में सक्षम होगा। क्षमता क्षेत्रीय हवाई यातायात दबाव संतुलित करने में सहायक सिद्ध होगी। अब तक हिसार हवाई अड्डे पर केवल विजुअल फ्लाइट रूल्स (वीएफआर) के अंतर्गत दिन के समय सीमित संचालन संभव था। डीजीसीए की स्वीकृति के बाद, रात्रिकालीन और प्रतिकूल मौसम में भी उड़ानें संचालित की जा सकेंगी।

मौजूदा उड़ान सेवाएं

दिल्ली, चंडीगढ़, अयोध्या और जयपुर के लिए नियमित उड़ानें जारी है। आवश्यकता पड़ने पर निकटवर्ती प्रमुख हवाई अड्डों से डायवर्ट की गई उड़ानों का संचालन संभव हो पाएगा।

नवंबर में हुआ था निरीक्षण

साल 2025 की छह और सात नवंबर को डीजीसीए की टीम ने हिसार हवाई अड्डे का विस्तृत निरीक्षण किया। उपकरणों और सुविधाओं का आकलन कर हरियाणा सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग के साथ समन्वय में सभी आपत्तियों का समाधान किया गया। तत्पश्चात विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। गहन मूल्यांकन के बाद डीजीसीए ने 24 फरवरी 2026 को आइएफआर संचालन की स्वीकृति प्रदान की है।