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राष्ट्रपति का अपमान: मोदी ने ममता सरकार की निंदा की, अमित शाह ने रिपोर्ट मांगी

ममता बोली- राष्ट्रपति को भाजपा के एजेंडे से भेजा, आप बीजेपी की प्राथमिकता है, मेरी प्राथमिकता जनता है!
 
Abhishek Purohit 
RNE, KOLKATA.
पश्चिम बंगाल दौरे में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के अपमान पर दिल्ली-बंगाल के बीच घमासान मच गया है। खुद राष्ट्रपति ने इस दौरे में अपमान से आहत महसूस किया है वहीं पीएम मोदी पश्चिम बंगाल सरकार पर हमलावर हुए हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने आज शाम तक ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सख्त रुख देखते हुए किसी बड़े निर्णय का अनुमान भी लगाया जा रहा है। उपराष्ट्रपति सहित कई केन्द्रीय मंत्रियों और पूरी भाजपा ने इस मसले पर टीएमसी के रुख और बंगाल सरकार के रवैये की निंदा की है। 
इन सबके बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार सहित पूरी भाजपा पर कड़ा हमला किया है। ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के बारे मंे कहा है कि आपको भाजपा का एजेंडा पूरा करने के लिए भेजा गया। मैं आपका बहुत सम्मान करती हूं लेकिन आप भाजपा के जाल में फंस गई है। राज्य सरकार पर लगाए गए आरोप निराधार है क्योंकि ये सरकारी आयोजन नहीं था। आप भाजपा की प्राथमिकता हो सकती हैं लेकिन मेरी प्राथमिकता आम जनता है।
पहले जानिये राष्ट्रपति ने क्या कहा 

 

दरअसल पश्चिम बंगाल में अंतर्राष्ट्रीय संथाल परिषद द्वारा आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु संथाल समाज के लोगों के बीच पहुँचीं। राष्ट्रपति विधाननगर स्थित संथाल समुदाय के पवित्र पूजा स्थल 'जाहेर थान' भी गईं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में राज्य की मुख्यमंत्री को भी शामिल होना चाहिए था, लेकिन वह नहीं आईं। शायद मुख्यमंत्री मुझसे नाराज़ हों, लेकिन वह मेरी छोटी बहन की तरह हैं। मूल रूप से यह कार्यक्रम इसी स्थान पर आयोजित होना था, लेकिन प्रशासन ने किसी कारणवश इसे यहाँ आयोजित करने की अनुमति नहीं दी और कार्यक्रम को दूर स्थान पर आयोजित किया गया। 
शायद प्रशासन नहीं चाहता था कि यहाँ बड़ी संख्या में लोग एकत्र हों। जहाँ सम्मेलन आयोजित किया गया था, वहाँ की व्यवस्थाएँ ठीक नहीं थीं, इसलिए संथाल समाज के लोगों से मिलने के लिए यहाँ पहुँचीं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कड़ी निंदा की
प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी के अपमान और संथाल संस्कृति के साथ किए गए लापरवाही भरे व्यवहार की कड़ी निंदा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो इस घटना से बहुत निराश है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, और उन्होंने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है उसने भारत के लोगों को बहुत दुःखी किया है। मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतना लापरवाही भरा व्यवहार कर रही है।
राष्ट्रपति के कार्यालय को राजनीति से ऊपर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यालय की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी।

 

अमित शाह ने राष्ट्रपति मुर्मु के अपमान पर जताया गहरा दुख
 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान के लिए पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर निशाना साधा। 
अमित शाह ने "X" पर इस घटना को अत्यंत शर्मनाक बताया और कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार ने आज अपने अराजक आचरण से और भी निम्न स्तर को छू लिया है। उन्होंने प्रोटोकॉल की घोर अवहेलना करते हुए भारत के राष्ट्रपति का अपमान किया है।
इस घटना ने तृणमूल सरकार के भीतर की गहरी खामी को उजागर कर दिया है, जो सरकार मनमाने ढंग से नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है, वह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का अपमान करने से भी नहीं हिचकिचाती। 
हमारे आदिवासी भाइयों और बहनों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति का यह अपमान हमारे राष्ट्र और हमारे संवैधानिक लोकतंत्र के मूल्यों पर एक धब्बा है। आज लोकतंत्र में विश्वास रखने वाला प्रत्येक नागरिक अत्यंत आहत और व्यथित है।
वीडियो देखने के लिए नीचे फोटो पर क्लिक करें: 

 

जानिए ममता बनर्जी ने क्या कहा :
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे मामले में भाजपा की ओर से राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने "X" पर कहा, हम जो देख रहे हैं वह अभूतपूर्व, बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और इस गणतंत्र की लोकतांत्रिक नींव पर सीधा हमला है। "एक राष्ट्र, एक नेता, एक पार्टी" के उन्माद में भाजपा ने अपने जन-विरोधी उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हर लोकतांत्रिक संस्था और हर संवैधानिक पद का व्यवस्थित रूप से दुरुपयोग किया है।
वर्षों से उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों, राष्ट्रीय आयोगों, चाटुकार गोदी मीडिया और न्यायपालिका के एक आज्ञाकारी वर्ग को बंगाल के खिलाफ इस्तेमाल किया है। वे वैध मतदाताओं को मतदाता सूची से मिटाने के लिए लुप्त आयोग का दुरुपयोग कर रहे हैं। यही वे चाहते हैं।
वे बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान को अपने पार्टी घोषणापत्र से बदलना चाहते हैं। मैंने इसका समर्थन नहीं किया है। मैं इसका समर्थन नहीं करूंगा। धर्मतला में हमारा धरना इस राज्य के लोगों को अपमानित करने, डराने और सताने के हर बांग्ला-विरोधी एजेंडे का हमारा जवाब है। भाजपा की एकमात्र प्राथमिकता सत्ता है। मेरी प्राथमिकता हमेशा से जनता रही है। दिल्ली के ये जमींदार इस महान भूमि को अपने अधीन करने के अपने मिशन में कभी सफल नहीं होंगे।
किसी प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ : ममता 

ममता बनर्जी ने कहा है, अंतर्राष्ट्रीय संथाल परिषद, एक निजी संगठन है जिसने सिलीगुड़ी में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी संथाल सम्मेलन में माननीय राष्ट्रपति को आमंत्रित किया। जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति सचिवालय को लिखित रूप में सूचित किया कि आयोजक अपर्याप्त रूप से तैयार प्रतीत हो रहे हैं; यह चिंता टेलीफोन पर भी व्यक्त की गई (संबंधित पत्रों और तस्वीरों के लिए, मेरी संबंधित फेसबुक पोस्ट देखें)।
राष्ट्रपति सचिवालय की अग्रिम टीम ने 5 मार्च 2026 को दौरा किया और व्यवस्थाओं की कमी से अवगत कराया गया, फिर भी कार्यक्रम निर्धारित समय पर जारी रहा। माननीय राष्ट्रपति का स्वागत और विदाई सिलीगुड़ी नगर निगम के महापौर, दार्जिलिंग के डीएम और सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्त कार्यालय के सीपी द्वारा राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा साझा की गई अनुमोदित कार्यक्रम के अनुसार ही की गई। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री कार्यक्रम या मंच योजना का हिस्सा नहीं थे। जिला प्रशासन की ओर से किसी भी प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ।