New Eco City : नया ईको सिटी बसाने के लिए चार गांवों की जमीन होगी एक्वायर, गांव की जमीन की चिन्हित
न्यू चंडीगढ़ में गमाडा ने ईको सिटी-4 बसाने की तैयारी शुरू कर दी है। गमाडा ने चार गांवों की 526 एकड़ जमीन एक्वायर करने के लिए सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (एसआईए) सर्वे की नोटिफिकेशन जारी की है।
नोटिफिकेशन के अनुसार ईको सिटी-4 के लिए करतारपुर, कंसाला, राजगढ़ और बूथगढ़ गांवों की जमीन एक्वायर की जाएगी। यह प्रोजेक्ट तब लॉन्च किया जा रहा है, जब 2016 में लॉन्च ईको सिटी-3 प्रोजेक्ट पूरी तरह ग्राउंड पर नहीं उत्तर पाया है। वहीं, 2012 में लॉन्च ईको सिटी-2 एक्सटेंशन में भी अलॉटीज को अब तक अलॉटमेंट और पजेशन का इंतजार है।
ईको सिटी-4 के लिए कुल 526.03 एकड़ जमीन एक्वायर करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें करतारपुर की 172.75 एकड़, कंसाला की 183.59 एकड़, राजगढ़ की 9.90 एकड़ और बूथगढ़ की 159.79 एकड़ जमीन शामिल है। प्रस्तावित टाउनशिप में रिहायशी, कमर्शियल और संस्थागत क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
लैंड एक्वायर से पहले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट सर्वे कराया जाएगा, जिसके लिए 6 है। सर्वे में किसानों, जमीन मालिकों और स्थानीय निवासियों पर पड़ने वाले सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर ही अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और संबंधित विभाग अंतिम निर्णय लेंगे।
ईको सिटी-2 एक्सटेंशन के अलॉटी 14 साल से एलओआई लेकर घूम रहे, प्लॉट का पता नहीं
ईको सिटी-2 एक्सटेंशन के सैकड़ों आवंटी पिछले 14 साल से लेटर ऑफ इंटेंट लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उन्हें आज तक यह नहीं पता कि उनका प्लॉट कहां होगा और कब्ब मिलेगा। गमाडा ने वर्ष 2012 में 96 एकड़ में ईको सिटी-2 एक्सटेंशन प्रोजेक्ट लॉन्च किया था।
तब इसे न्यू चंडीगढ़ के तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया और बड़ी संख्या में लोगों ने प्लॉट हासिल करने के लिए आवेदन किए। आवंटियों को एलओआई जारी किए गए, लेकिन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ा।
एक दशक से अधिक समय बीतने के बावजूद न तो प्लॉटों की स्पष्ट लोकेशन बताई गई है, न ही पजेशन को लेकर निश्चित समय सीमा। लोगों का कहना है कि भविष्य की जरूरतों को देखकर प्लॉट बुक करवाए थे, 14 साल बाद भी उन्हें केवल इंतजार ही मिला है।
ईको सिटी-3: 2016 का प्रोजेक्ट
2016 में प्रस्तावित ईको सिटी-3 को न्यू चंडीगढ़ के सबसे बड़े शहरी विकास प्रोजेक्ट्स में शामिल किया गया था। फंड की कमी और प्रशासनिक कारणों से यह प्रोजेक्ट वर्षों तक आगे नहीं बढ़ा। वर्ष 2022 में प्रोजेक्ट दोबारा शुरू करने की कवायद हुई। दिसंबर 2025 में अवॉर्ड भी घोषित कर दिए गए।
पर मौके पर अभी तक विकास कार्य शुरू नहीं हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नया प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले पुराने प्रोजेक्ट की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। ईको सिटी-3 के विकास कार्य शुरू होने के बाद ही नई टाउनशिप पर फोकस किया जाना चाहिए।