Makhana Processing Unit : माखननगर कृषि फार्म में लगेगी मखाना की प्रोसेसिंग यूनिट, बनेगा हब
मध्य प्रदेश सहित देशभर में आम, कटहल की आपूर्ति करने वाला माखननगर कृषि फार्म मखाना का हब बनेगा। गेहूं, चना, धान और सिंगाडा की तरह जिले में मखाना उत्पादन को बढावा देने के लिए उद्यानिकी विभाग और एमपी एग्रो संयुक्त कार्रवाई कर रहा है। फार्म में प्रोसेसिंग यूनिट और किसानों के प्रशिक्षण केंद्र बनाने के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं।
बिहार, पश्चिम बंगाल, असम के तरह जिले में मखाना को कृषि की प्रमुख फसल बनाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसमें एमपी एग्रो का 531 एकड़ के कृषि फार्म में मखाना की बड़ी प्रोसेसिंग यूनिट और किसानों को इसका प्रशिक्षण देने के लिए 50 सीटर केंद्र भी प्रस्तावित किया गया है। फल, सब्जी, अनाज के साथ एमपी एग्रो भी मखाना उत्पादन करेगा।
इसके लिए एक एकड़ का एक तालाब निर्माण किया गया है। उत्पादन ठीक हुआ तो तालाब की संख्या बढ़ाई जाएगी। मखाना की खेती की तरफ किसानों का रुझान बढ़ाने के लिए दर्जनों किसानों को मखाना उत्पादन करने वाले प्रदेशों में भ्रमण कराया गया था। इस दौरान उन्हें मखाना उत्पादन करने वाले किसानों से मिलवाया गया था।
इसके बाद जिले में 17 हेक्टेयर में 36 किसानों ने मखाना लगाना शुरू कर दिया है। उद्यानिकी विभाग किसानों का हर तरह से मदद कर रहा है। उत्पादन में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए अधिकारियों टीम को तैनात किया गया है।
सड़क निर्माण की डिजाइन बदलेगी
माखननगर कृषि फार्म के अंदर से मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में जोड़े गए नए क्षेत्र में आवागमन का रास्ता बनाया जा रहा था। इसमें कई पेड़ों को काटना पड़ता। एमपी एग्रो ने इस पर आपत्ति ली। इसके बाद सडक निर्माण की डिजाइन को बदलने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
450 एकड़ में आम और 40 एकड़ में लगे कटहल के पेड़
माखननगर कृषि फार्म फल उत्पादन शीर्ष बना है। वर्तामान में फार्म के 450 एकड़ क्षेत्र में आम के बगीचा लगा है। 40 एकड़ में कटहल लगाए गए हैं। इसके अलावा फार्म 120 एकड़ में गेहूं की खेती भी की जा रही है।
प्रशिक्षण केंद्र बनाने प्रस्ताव भेज दिए हैं
एमपी नर्मदापुरम एग्रो के प्रबंधक सोनू सेजकर ने बताया कि फार्म में मखाना लगाने के लिए एक एकड़ में तालाब भी बना दिया गया है। प्रोसेसिंग यूनिट और किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र बनाने के प्रस्ताव भेज दिए गए हैं।