New airport : एशिया का सबसे बड़ा नया एयरपोर्ट बनकर तैयार, यूपी, हरियाणा के साथ इन राज्यों की होगी सीधी कनेक्टिविटी
भारत में एशिया का सबसे बड़ा व दुनिया का चौथा बड़ा नया एयरपोर्ट बनकर तैयार हो गया है। यह एयरपोर्ट उत्तरप्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में बनाया गया है और यह अब बनकर तैयार हो चुका है। इस एयरपोर्ट की उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान की सीधी कनेक्टिविटी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च को करेंगे।
यह एयरपोर्ट भारत के विमान क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आइजीआइ) के बाद दूसरा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गेटवे बनेगा।
जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से राजस्थान, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा, गुजरात राज्य के उद्यमियों व यात्रियों की राजधानी नई दिल्ली से कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। सीधी व अधिक संख्या में वैकल्पिक उड़ानें मिलने से समय की बचत के साथ बिजनस, पर्यटन व उद्योग गतिविधियों को अधिक फायदा मिलेगा।
45 दिन के भीतर उड़ानें शुरू होगी
उद्घाटन के बाद 45 दिनों के भीतर यहां से उड़ान सेवाएं शुरू हो सकती हैं। एयरलाइंस शेड्यूलिंग व अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में जुटी हैं। शुरुआती उड़ानों का संचालन इंडिगो, अकासा एयर व एयर इंडिया एक्सप्रेस से करने की उम्मीद है। शुरुआत में घरेलू उड़ानों जबकि बाद में अंतरराष्ट्रीय सेवाओं पर फोकस रहेगा।
उत्तर भारत का सबसे बड़ा कार्गो हब बनेगा
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। नोएडा और नजदीकी इलाकों के लिए यह बेहतर और सुविधाजनक विकल्प साबित होगा। एयरपोर्ट का आइएटीए कोड डीएक्सएन है।
यमुना एक्सप्रेसवे से बेहतरीन कनेक्टिविटी होगी। उत्तर भारत के सबसे बड़े कार्गो हब के रूप में विकसित किया जा रहा। एक्सपोर्ट-इंपोर्ट में तेजी आएगी और उद्योगों को बड़ा फायदा मिलेगा। निशुल्क वाइ-फाइ, निशुल्क लाइब्रेरी व किड्स जोन। घरेलू व अन्तरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश-निकास।
जेवर एयरपोर्ट के लिए यहां से चलेगी सीधी बसें
दिल्ली, ग्रेटर नोएडा, हरियाणा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा आदि शहरों से एयरपोर्ट के लिए सीधी बसें चलेगी।
जेवर एयरपोर्ट के पूरे आंकड़े
5000 एकड़ क्षेत्रफल में फैला
1.2 करोड़ सालाना यात्रियों की क्षमता पहले फेज में।
07 करोड़ यात्री की क्षमता होगी चार फेज पूरे होने पर।
04 टर्मिनल बनाने की योजना 2050 तक
5730 करोड़ रुपए खर्च पहले फेज में
29,560 करोड़ रुपए खर्च होंगे चार फेज पूरे होने तक