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डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर

 

RNE Network.

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
 

18 मई को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले टूटकर 96.283 डॉलर के अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। कारोबार के दौरान कुछ समय के लिए रुपया फिसलकर 96.18 प्रति अमेरिकी डॉलर पर आ गया था, जो इसके पिछले बंद भाव से लगभग 0.2 परसेंट कम है। यह गिरावट इसके पिछ्ले रिकॉर्ड निचले स्तर 96.1350 को भी पार कर गई। 

रुपया गिरने का ये कनेक्शन:

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 परसेंट कच्चा तेल दूसरे देशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 111 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से भारत का आयात खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में भारत के तेल आयातकों को भुगतान करने के लिए डॉलर की भारी जरूरत पड़ती है। बाजार में डॉलर ख़रीदने की मची होड़ के बीच रुपये की वैल्यू डॉलर के मुकाबले तेजी से कम होने लगती है।

आम आदमी पर इसका असर ये:

 

  • रुपया कमजोर होगा , तो विदेश में पढ़ाई से लेकर मेडिकल ट्रीटमेंट महंगा हो जायेगा। अब पहले के मुकाबले टिकट वगेरह या ट्यूशन फीस भरने के लिए अधिक डॉलर खर्च करने होंगे।
  • रुपया कमजोर होगा तो, भारत मे आयात होने वाले मोबाईल, लेपटॉप, लेपटॉप के पार्ट्स, ऑटोमोबाइल कॉम्पेनेंट्स महंगे हो जाएंगे
  • डॉलर महंगा तो देश के भीतर ट्रांपोर्टेशन कॉस्ट में इजाफा होगा। इससे रोजमर्रा की चीजें महंगी हो जायेगी।