Water Sharing : पानी की हिस्सेदारी को लेकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बीच टकराव
भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड (बीबीएमबी) के 51वें स्थापना दिवस समारोह में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय विद्युत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल कर रहे थे। पानी के मुद्दे पर पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आरोप लगाया कि बीबीएमबी में पंजाब के प्रतिनिधित्व और अधिकारों को लगातार कम किया जा रहा है।
हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने बिना नाम लिए पंजाब के रुख पर जवाब देते हुए कहा कि हर मंच पर राजनीति जरूरी नहीं होती, जबकि राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बीबीएमबी में स्थायी सदस्यता का मुद्दा उठाया।
तीनों राज्यों के मंत्रियों ने पानी और हिस्सेदारी को लेकर राजनीतिक तल्खी सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह यहां हरियाणा का पक्ष रखने नहीं, बल्कि केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने आए हैं। मनोहर लाल ने कहा 'अभिभावक छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखते हैं, उसी तरह हमारा दायित्व भी सभी राज्यों के हितों को संतुलित रखना है।' इस मौके पर उन्होंने बीबीएमबी कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज सुविधा की घोषणा की।
उन्होंने बीबीएमबी की उपलब्धियों को देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए भविष्य में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सोलर प्लांट, पंपड् स्टोरेज प्रोजेक्ट्स और बैटरी स्टोरेज व्यवस्था को बढ़ाने पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई फैसले केवल अड़ने से नहीं, बल्कि विवेक से लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में अपना फार्मूला दिया है और अंतिम फैसला अदालत का ही सर्वोपरि होगा।