{"vars":{"id": "127470:4976"}}

पाकिस्तान से बातचीत के रास्ते खुले रखने होंगे, हम हिटलर नहीं, विभाजन को बताया गलत

 

RNE Network.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने संगठन के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान का समर्थन किया है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से बातचीत की खिड़की खुली रखने की वकालत की थी।
 

वे तिरुअनंतपुरम में संघ के शताब्दी वर्ष में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे। संघ प्रमुख ने कहा कि अगर आने वाले समय में भारत , पाकिस्तान को परास्त कर देता है तो वहां के लोगों को लेकर दो ही रास्ते होंगे। उन्हें भारत में मिलाना होगा या उन्हें उसी देश में शांति से रहने लायक माहौल देना होगा। दोनों ही स्थितियों के लिए वार्ता के दरवाजे खुले रखना जरूरी है। हम हिटलर की तरह नहीं है।

विभाजन को मानते हैं गलत:

भागवत ने कहा, पाकिस्तान में आज भी बहुत लोग विभाजन को गलत मानते हैं। वहां के कई पत्रकार भी संघ और उसके काम की तारीफ करते हैं। वहां का एक बड़ा वर्ग टू - नेशन थ्योरी के खिलाफ है। उनका मानना है कि हमारा साथ रहना बेहतर था।