Iran-Israel-America War में ऐसा क्या हुआ कि कच्चा तेल 2.09 % गिरकर 79.32 डॉलर प्रति बैरल पर आया
ट्रम्प का आदेश : जलडमरूमध्य से गुजर रहे टैंकर्स को अमेरिकी नौसेना एस्कॉर्ट करेगी
मध्य पूर्व में संघर्ष का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर दिख रहा है। एशियाई बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की कीमतों में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
RNE Network.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर दिख रहा है। हाल ही के दिनों में तेज बढ़त के बाद एशियाई बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की कीमतों में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल लगभग 2.09 प्रतिशत गिरकर 79.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे पहले गुरुवार को इसमें 8.5 प्रतिशत की तेज बढ़त हुई थी और यह 81.01 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसपर कहा है कि तेल पर दबाव कम करने के लिए आगे कदम उठाए जाने वाले हैं और तेल की कीमतें अब काफी हद तक स्थिर होती दिखाई दे रही हैं। ट्रंप ने यूएस डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन को आदेश दिया था कि वह खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले सभी समुद्री व्यापार के लिए राजनीतिक जोखिम बीमा उपलब्ध कराए।
इससे पहले उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिकी नौसेना हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को जितनी जल्दी हो सके सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट करना शुरू करेगी। यह जलडमरूमध्य कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसे ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर दिया है।