चमत्कार! बाढ़ में बही 55 साल की महिला "शिवगुरु-शिवगुरु" पुकारती रही, 15 दिन बाद 60 किमी दूर जिंदा मिली!
Rudra News Network Bihar-UP.
बलिया। बिहार के बक्सर में गंगा स्नान के दौरान तेज बहाव में बही सुनैना देवी करीब 15 दिन बाद उत्तर प्रदेश के बलिया में जिंदा मिलीं। वह चैनछपरा गांव के पास बाढ़ के पानी से घिरी एक झोपड़ी में फंसी हुई थीं। महिला के मुताबिक, कई दिनों तक उन्होंने गंगा का पानी पीकर अपनी जान बचाई। बताया जाता है कि बक्सर में जहां डुबकी लगाई थी वहां से वापस मिलने की जगह के बीच 60 किमी का फासला है। ऐसे में लोग इसे एक चमत्कार मान रहे हैं।
सुनैना को बाढ़ बहा ले गई, तैरकर बलिया पहुंची :
दरअसल 55 वर्षीय सुनैना 31 अगस्त को पूजा-पाठ के बाद गंगा में स्नान करने गई थीं। डुबकी लगाते समय तेज धारा उन्हें बहा ले गई। परिवार ने काफी तलाश की और 1 सितंबर को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। सुनैना ने पुलिस को बताया कि नदी की धारा में बहने के बाद वह किसी तरह तैरकर बलिया के चैनछपरा गांव के पास पहुंचीं। यहां परवल के खेत में बनी एक झोपड़ी में उन्होंने शरण ली, लेकिन चारों ओर बाढ़ का पानी होने के कारण बाहर नहीं निकल सकीं।
कई दिनों तक मदद नहीं मिलने पर सोमवार को उन्होंने झोपड़ी से निकलने की कोशिश की। गहरे पानी में डूबने लगीं तो ‘शिवगुरु-शिवगुरु’ पुकारते हुए मदद के लिए चिल्लाईं। उनकी आवाज सुनकर पास में मछली पकड़ रहे नाविक पहुंचे और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार, सुनैना ने यह भी बताया कि नदी में बहने के दौरान वह कई दिनों तक बेहोश रहीं।
जिंदा मिलने पर परिवार की आंखों में खुशी :
महिला के मिलने की सूचना बक्सर में उनके परिवार को दी गई। परिजन बलिया पहुंचे तो सुनैना ने उन्हें तुरंत पहचान लिया। बेटे कमलेश के अनुसार, वह काफी कमजोर हो चुकी थीं। परिवार उन्हें वापस बक्सर ले गया और डॉक्टर को दिखाया। चिकित्सकों ने कमजोरी बताते हुए उपचार की सलाह दी। बलिया पुलिस और प्रशासन के मुताबिक, महिला को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बिहार-यूपी में बाढ़ के ऐसे हालात :
बिहार-यूपी में बारिश से नदियां उफान पर है। बिहार के 15 जिलों की लगभग 50 लाख आबादी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। 26 जिलों में अभी भी बारिश का यलो अलर्ट है। यूपी में भी 25 जिलों में बाढ़ के हालात हैं। लगभग 4 लाख की आबादी प्रभावित है। शारदा नदी का कटान तेज होने से 24 घंटे में 7 मकान नदी में समा गए हैं।