CS V. Shrinivas की दिल्ली में 19 मीटिंग : जयपुर मेट्रो में प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक 36 स्टेशन बनेंगे, बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक 3.80 किमी विस्तार
Rudra News Express New Delhi.
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने दो दिवसीय दिल्ली प्रवास में केंद्रीय मंत्रियों, केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य उच्च पदस्थ पदाधिकारियों के साथ 19 बैठकें कीं। इन बैठकों में राजस्थान की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं, प्रशासनिक विषयों तथा केंद्र सरकार से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
राजस्थान कैडर के अधिकारियों के साथ भोज :
मुख्य सचिव ने मंगलवार को केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की सचिव रचना शाह से मुलाकात कर कार्मिक एवं प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की। इसी दौरान उन्होंने राजस्थान कैडर के अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के साथ आयोजित दीपावली भोज में भी भाग लिया।
जयपुर मेट्रो-41 किमी लंबे मेट्रो के दूसरे चरण में 36 स्टेशन :
मुख्य सचिव ने नई दिल्ली स्थित संकल्प भवन में केंद्रीय शहरी विकास सचिव सतेंद्र सिंह से मुलाकात की। बैठक में जयपुर मेट्रो, पीएम ई-बस सेवा तथा शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी शहरी निकायों ने स्वच्छता, सड़कों, स्ट्रीट लाइट और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजनाएं तैयार की हैं।
बैठक में जयपुर मेट्रो के विस्तार पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्य सचिव ने बताया कि बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक 3.80 किलोमीटर लंबे मेट्रो विस्तार का कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबे मेट्रो के दूसरे चरण में 36 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
E-Bus : डिपो, चार्जिंग सुविधाओं पर बात :
मुख्य सचिव ने पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत प्रदेश के आठ शहरों में प्रथम चरण के लिए स्वीकृत 675 इलेक्ट्रिक बसों तथा दूसरे चरण में स्वीकृत 475 अतिरिक्त बसों की प्रगति से भी अवगत कराया। बैठक में बस डिपो और चार्जिंग सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने जयपुर नगर निगम की जनभागीदारी आधारित पहल ‘रंग दे गुलाबी’ की जानकारी भी दी, जिसके दूसरे चरण में शहर के 150 वार्डों में 617 दीवारों का सौंदर्यीकरण किया गया है।
मुख्य सचिव ने दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान राजस्थान की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं से संबंधित लंबित विषयों के शीघ्र समाधान और केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों के साथ प्रदेश की विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने तथा जनहित से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया।