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ASIRAJ-2026 लाइव सर्जिकल वर्कशॉप : PBM के OT में देशभर से आए विशेषज्ञों ने किए ऑपरेशन, AI से चिकित्सा के भविष्य पर मंथन!

 

 

बीकानेर : PBM के ओटी में ऐसे ऑपरेशन हुए कि देखने-सीखने जुटे डॉक्टर 

 

Rudra News Express Bikaner. 

बीकानेर के PBM Hospital का "A Block" ऑपरेशन थियेटर और उससे जुड़े हॉल का आज कुछ अलग ही नजारा दिखा। हालांकि यहाँ आम दिनों की तरह पाइल्स, फिस्टुला, फिशर, पायलोनाइडल साइनस एवं वैरिकोज वेन्स आदि बीमारियों से जुड़े ऑपरेशन हुए लेकिन हैरानी की बात यह है कि ऑपरेशन देखने डॉक्टर्स की भीड़ उमड़ी। वजह, ऑपरेशन भले ही रोजमर्रा में होने वाले हो लेकिन इन्हें एडवांस्ड टेक्निक से किया जा रहा था। इतना ही नहीं सर्जरी करने वाले डॉक्टर भी देश-दुनिया में अपनी विशेषज्ञता के ख्यातनाम थे। 

मतलब यह कि पीबीएम के ओटी में दुनिया के ख्यातनाम सर्जन जुटे और सर्जरी को आसान और अधिक राहत वाली करने के लिए खास तकनीक का लाइव डेमोन्सट्रेशन किया। इसमें खास तौर पर सर्जरी को आधुनिक लेजर और मिनिमल एक्सेस तकनीकों से करने का लाइव प्रदर्शन शामिल रहा। 

 

दरअसल, यह नजारा बीकानेर में शुक्रवार से शुरू हुए एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया, राजस्थान चैप्टर के वार्षिक सम्मेलन ASIRAJ-2026 के वैज्ञानिक कार्यक्रम का था। एस.पी. मेडिकल कॉलेज एवं PBM अस्पताल के सर्जरी विभाग की ओर से बीकानेर सर्जन्स सोसायटी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में लाइव सर्जिकल वर्कशॉप के जरिए युवा सर्जनों को आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया गया।

 20 सलेक्टेड केस, इन एक्सपर्ट ने किया ऑपरेशन : 

OT ब्लॉक-A में आयोजित वर्कशॉप के दौरान पाइल्स, फिस्टुला, फिशर, पायलोनाइडल साइनस और वैरिकोज वेन्स से जुड़े कुल 20 चयनित एवं जटिल मामलों में आधुनिक लेजर और मिनिमल एक्सेस तकनीकों से ऑपरेशन किए गए। 

कोटा के डॉ. एस.के. गोयल और SMS मेडिकल कॉलेज, जयपुर के डॉ. राकेश यादव ने अपर जीआई एंडोस्कोपी का लाइव प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण दिया। हरियाणा के अग्रोहा से आईं डॉ. सोनाली आला ने लेजर पायलोनाइडल साइनस सर्जरी का प्रदर्शन किया।

वैरिकोज वेन्स की लेजर सर्जरी जोधपुर के डॉ. प्रदीप पंवार और फोर्टिस जयपुर के डॉ. हेमेन्द्र शर्मा ने प्रदर्शित की। जयपुर की डॉ. जया माहेश्वरी ने पाइल्स सर्जरी का लाइव प्रदर्शन किया, जबकि अजमेर के डॉ. विवेक शर्मा ने जटिल फिस्टुला का ऑपरेशन किया।

OT से आगे AI तक पहुंची चर्चा : 

ASIRAJ-2026 के वैज्ञानिक कार्यक्रम में केवल सर्जरी की आधुनिक विधियों तक ही चर्चा सीमित नहीं रही। दोपहर के भोजन के बाद AI in Healthcare विषय पर इंटरैक्टिव कार्यशाला आयोजित की गई। आगरा के डॉ. मयंक ने इसका संचालन किया। कार्यशाला में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से चिकित्सा शोध परियोजनाओं, शोध-आधारित विश्लेषण और मरीजों के उपचार संबंधी निर्णयों को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने चिकित्सा शिक्षा और शोध में AI की बढ़ती भूमिका तथा इसके व्यावहारिक उपयोग पर विचार साझा किए।

आयोजक डॉक्टर दवां ने ये कहा : 

सम्मेलन के आयोजन सचिव एवं एस.पी. मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोहर एल. दवां ने बताया कि इस वर्कशॉप का उद्देश्य अनुभवी सर्जनों के अनुभव और नवीनतम तकनीकों को युवा चिकित्सकों तक पहुंचाना है। इससे आधुनिक, कम चीरे वाली और मरीज-केंद्रित सर्जिकल सेवाओं को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि AI जैसी उभरती तकनीकें चिकित्सा शिक्षा, शोध और मरीजों के उपचार संबंधी निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

पौधारोपण और माल्यार्पण से हुई शुरुआत : 

वैज्ञानिक कार्यक्रम की शुरुआत PBM अस्पताल के गोल पार्क में मोरिंगा (सहजन) के औषधीय पौधे के पौधारोपण से हुई। इसके बाद अस्पताल परिसर में प्रिंस विजय सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।