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Ayodhya Ram Mandir : चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच पूरी, चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव समेत कई पर गिर सकती है गाज

2 करोड़ की रिकवरी, सोना-चांदी, विशेष चढ़ावा गायब : 

 

RNE Ayodhya-Lucknow. 

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी और अनियमितताओं के चर्चित मामले में अब बड़े प्रशासनिक और ट्रस्ट स्तर के फैसलों की आहट तेज हो गई है। छह दिन तक अयोध्या में गहन जांच करने के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) शनिवार को लखनऊ लौट रही है। जानकारों के मुताबिक जांच रिपोर्ट जल्द ही प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर बड़े और सख्त निर्णय लिए जा सकते हैं।

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। सूत्रों का दावा है कि ट्रस्ट प्रबंधन में बदलाव और जिम्मेदार पदाधिकारियों को हटाने जैसे विकल्पों पर गंभीर विचार किया जा रहा है।

150 संदिग्धों के नाम, 25 पर कार्रवाई की तैयारी : 

SIT की पड़ताल में करीब 150 संदिग्ध व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। इनमें मंदिर प्रबंधन, दान गणना व्यवस्था, बैंकिंग प्रक्रिया और चढ़ावा संग्रह से जुड़े कई लोग शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार लगभग 25 लोगों के खिलाफ विभागीय या कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।

2 करोड़ की रिकवरी, सोना-चांदी के रिकॉर्ड पर सवाल : 

जांच एजेंसियों की ओर से अब तक करीब 2 करोड़ रुपए की बरामदगी की रिपोर्ट सामने आई है। सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात और विशेष चढ़ावे के रिकॉर्ड में भी कई विसंगतियां सामने आने की चर्चा है। जांच टीम को कुछ मामलों में आभूषणों और बहुमूल्य भेंटों का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे संदेह और गहरा गया है।

हार और चरण पादुका भी जांच के घेरे में : 

जांच के दौरान रामलला को अर्पित किए गए हीरा जड़ित हार और स्वर्ण चरण पादुका का मामला भी सामने आया। पूछताछ में अलग-अलग दावे किए गए हैं, जबकि संबंधित वस्तुओं के दस्तावेजी रिकॉर्ड और रसीदों को लेकर भी सवाल उठे हैं। SIT इस पूरे प्रकरण की कड़ियां जोड़ने में जुटी रही।

मुख्यमंत्री योगी का संदेश: दोषी कोई भी हो, बचेगा नहीं : 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और "अपराधी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।"उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक संयम रखने की अपील भी की है।

अब सबकी नजर योगी के फैसले पर : 

राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में SIT रिपोर्ट सामने आने के बाद योगी सरकार के फैसले पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो ट्रस्ट प्रबंधन में बड़ा बदलाव और कई जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।