Baba-Kangna का बयान योग खत्म, बाबा ने कंगना को भेजी ‘सुलह की राखी’, कंगना बोलीं—त्योहार का दिन भूल-चूक माफ!
Rudra News Express.
रक्षा बंधन पर आमतौर पर बहनें अपने सगे या मुंहबोले भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। भारतीय राजनीति में तो राखी के धागे से रिश्ते जोड़कर सत्ता के गठबंधन तक करने के उदाहरण मिलते रहे हैं। लेकिन इस बार एक राखी ने राजनीति से ज्यादा बयानबाजी की दुनिया में हलचल मचा दी है।
यह राखी है योग गुरु और पतंजलि ब्रांड के बाबा रामदेव की, जो उन्होंने भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को भेजी है। खास बात यह है कि यह राखी उस वक्त पहुंची है, जब दोनों के बीच पिछले दिनों बयानों की ऐसी कसरत चल रही थी, जिसमें योगासन कम और अंगुलियां ज्यादा उठ रही थीं।
पहले तकरार, अब ‘भाई-बहन’ का प्यार :
विवाद की शुरुआत कंगना के जेन-जी की लड़कियों को लेकर दिए गए बयान से हुई। इस पर बाबा रामदेव ने नाराजगी जताते हुए कंगना पर निशाना साधा। जवाब में कंगना भी पीछे नहीं हटीं और उन्होंने बाबा पर तीखे शब्दों के तीर चला दिए। मामला ऐसा बना कि लगा दोनों तरफ से बयानबाजी का सूर्य नमस्कार लंबा चलने वाला है।
बाबा का "बयान योग" से यू-टर्न :
रक्षाबंधन आते-आते बाबा ने अचानक "बयान योग से यूटर्न" ले लिया। उन्होंने कंगना को राखी, मिठाई और गिफ्ट भेजते हुए कहा कि वे यह सब अपनी बहन कंगना रनौत को पोस्ट से भेज रहे हैं। बाबा ने संदेश दिया कि देश में किसी भी वजह से नफरत नहीं होनी चाहिए और एक-दूसरे के प्रति दुश्मनी भी नहीं होनी चाहिए। यानी जिस विवाद में पहले गुस्से की गर्मी महसूस हो रही थी, वहां अब राखी के साथ मिठास का पैकेट भी पहुंच गया।
कंगना ने भी पकड़ लिया ‘सुलह का धागा’ : अब बारी कंगना की थी। बिंदास अंदाज के लिए चर्चित कंगना ने भी बाबा के राखी-रिटर्न का जवाब सकारात्मक अंदाज में दिया। कंगना ने कहा कि "त्योहार का दिन ही भूल-चूक माफ करने के लिए होता है।" उन्होंने बाबा रामदेव की इस बात की तारीफ की कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के दिन वे बाबा की भेजी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम—दोनों स्वीकार करती हैं।
बयानबाजी के "ऊटपटांग योग" पर लगा विराम?
बयानबाजी के "ऊटपटांग योग" पर राखी ने दोनों के बीच चल रही बयानबाजी पर सचमुच ब्रेक लगा दिया है? फिलहाल तो तस्वीर यही है "पहले बाबा की अंगुली कंगना पर, फिर कंगना की जुबान बाबा पर और अब बाबा की राखी कंगना की कलाई के लिए!" राजनीति में रिश्ते कब बदल जाएं, यह तो कोई ज्योतिषी भी पक्के तौर पर नहीं बता सकता। लेकिन रक्षाबंधन ने इतना जरूर कर दिया कि विवाद का योगासन छोड़कर दोनों ने संवाद का प्राणायाम शुरू कर दिया है।