बीपी की दवा लेने वालों के लिए बड़ी खबर, 3 दवाओं के घटक कैंसरकारी सूची में
RNE Network.
ब्लड प्रेशर यानी बीपी की दवा लेने वाले लोगों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की कैंसर रिसर्च ने तीन दवाओं में इस्तेमाल होने वाली चीजों को इंसानों में कैंसर पैदा करने वाले पदार्थों की सूची में शामिल किया है।
इनमें हाइड्रोक्लोरोथायाजाइड, वोरिकोनाजोल और टेक्रोलिमस शामिल हैं। इन तीनों दवाओं का इस्तेमाल अलग अलग बीमारियों के इलाज में किया जाता है। इनमें हाइड्रोक्लोरो थायाजाइड हाई बीपी के इलाज में काफी इस्तेमाल होने वाली दवा है। यही वजह है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद बीपी की दवा लेने वाले लोगों की चिंता बढ़ गयी है।
ये कहा है डब्ल्यूएचओ ने:
इन दवाओं से जुड़े उपलब्ध साइंटिस्ट सबूतों की विस्तृत जांच के बाद इन्हें ' ग्रुप 1 ' रखा है। इस केटेगिरी का मतलब है कि वैज्ञानिकों के पास इस बात के पर्याप्त सबूत है कि सम्बंधित पदार्थ कैंसर का कारण बन सकते हैं। हालांकि इसका नतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इन दवाओं को लेने वाले हर व्यक्ति को कैंसर हो जायेगा।
किसी दवा से कैंसर का खतरा कितना बढ़ता है यह उसके इस्तेमाल की अवधि, मात्रा और व्यक्ति की दूसरी स्वास्थ्य स्थितियों जैसे बड़े कारकों पर निर्भर करता है। हाइड्रोक्लोरो थायाजाइड एक ऐसी दवा है, जिसका इस्तेमाल हाई बीपी को नियंत्रित करने के साथ शरीर में जमा अतिरिक्त पानी को कम करने के लिए भी किया जाता है।