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विजय थलापति को समर्थन देने पर बयानों की टकराहट

 

RNE Network.

तमिलनाडु में स्टार विजय थलापति की सरकार को कांग्रेस ने समर्थन दिया। यह समर्थन देते ही द्रमुक भड़क गई और उसने कांग्रेस को खरी - खोटी सुनानी शुरू कर दी है। द्रमुक कांग्रेस के इस निर्णय से इतना भड़क गई कि उसने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कांग्रेस से अलग बैठने का निर्णय भी बता दिया।
जबकि द्रमुक इस समय इंडिया गठबन्धन का हिस्सा है, पर कांग्रेस पर हमलावर है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव द्रमुक व कांग्रेस ने मिलकर लड़ा था, मगर हार मिली थी। अब दोनों दल आमने - सामने है।

बालू का तकडा हमला:

द्रमुक के वरिष्ठ नेता व लोकसभा सदस्य टी आर बालू ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा है कि उसने हमारी पीठ में छुरा घोंपा है। विजय थलापति को समर्थन देकर कांग्रेस ने गद्दारी की है। इस कारण द्रमुक के सभी 22 लोकसभा सदस्य अब सदन में कांग्रेस  के साथ नहीं बैठेंगे।


द्रमुक 2013 को याद करे:

टी आर बालू के बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा है कि हमें गद्दार कहने से पहले बालू जी स्टालिन से बात कर लें। कांग्रेस ने प्रतिक्रियावादी ताकतों को रोकने के लिए विजय को समर्थन दिया है। यदि समर्थन नही देते तो भाजपा को गेम करने का मौका मिलता, कांग्रेस ने उसे रोका है। राजपूत ने कहा कि बालू जी स्टालिन से बात कर लें और याद करें 2013 का लोकसभा चुनाव, जब द्रमुक ने बिना बात किये कांग्रेस को अलग करके अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी।