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डॉक्टरों ने बनाया खास इंजेक्शन, हाइपोटोनी से पीड़ित लोगों के लिए उम्मीद

 

RNE Network.

लंदन के मूरफील्डस आई हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने दुर्लभ नेत्र रोग हाइपोटोनी से पीड़ित लोगों की रोशनी लौटाने में सफलता पाई है। इसके लिए एक खास इंजेक्शन बनाया गया है।
 

इस इलाज से लाभ पाने वाली पहली मरीज है 47 साल की निकी गाइ। निकी पहले मैग्नीफाइंग ग्लास से पास की चीजें देखती थी। हाइपोटोनी में आंख के भीतर का दबाव कम हो जाता है। इससे आंख अंदर की ओर धंसने लगती है। यह समस्या आंख के अंदर मौजूद प्राकृतिक तरल के कम बनने से हो सकती है। इससे अंधापन भी हो सकता है। इस थैरेपी से 35 मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
नया इलाज ऐसे काम करता है

 

विशेषज्ञों ने एक सस्ते, पारदर्शी जेल हाइड्रोक्सीप्रोपाइल मिथाइलसेलुलोज का इस्तेमाल किया। इसे हर तीसरे या चौथे हफ्ते दस हफ़्तो तक आंख के मुख्य हिस्से में इंजेक्ट किया गया, ताकि आंख का आकार और दबाव सामान्य हो सके।