डॉ मंगत बादल को 2026 का ' मारवाड़ रतन सम्मान ', राजस्थानी भाषा ( काव्य ) साहित्य के उन्नयन के लिए पुरस्कार
RNE Specal.
राजस्थानी व हिंदी के मूर्धन्य कवि, कथाकार, निबंधकार डॉ मंगत बादल को इस बार जोधपुर के 568 वें स्थापना दिवस पर वर्ष 2026 का ' मारवाड़ रतन सम्मान ' प्रदान किया जायेगा। यह सम्मान राजस्थानी भाषा ( काव्य ) साहित्य के उन्नयन में स्थायी महत्त्व की दीर्घकालीन उच्च स्तरीय सेवाओं के उपलक्ष्य में ' डॉ नारायणसिंह जी भाटी ' मालूंगा ' सम्मान ' से सम्मानित किया जायेगा।
मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के सहायक निदेशक डॉ महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि 12 मई 2026 को सुबह 10.30 बजे होने वाले मुख्य समारोह में यह सम्मान प्रदान किया जायेगा। यह पुरस्कार महाराजा गजसिंह जी द्वारा प्रदान किया जायेगा।
साहित्य जगत में खुशी की लहर:
डॉ मंगत बादल को मारवाड़ रतन सम्मान मिलने पर प्रदेश के साहित्यकारों ने प्रसन्नता जाहिर की है। वरिष्ठ साहित्यकार मधु आचार्य ' आशावादी ', डॉ राजेश कुमार व्यास, गजेसिंह राजपुरोहित, ब्रजरतन जोशी, कृष्ण कुमार ' आशु ', किरण बादल, नवजोत भनोत, नगेन्द्र किराड़ू, नदीम अहमद नदीम, अनुराग हर्ष, धीरेंद्र आचार्य, सुकान्त किराड़ू, हेमंत उज्ज्वल, सीमा पारीक, अभिषेक आचार्य, प्रदीप भटनागर, कमल रंगा, संजय पुरोहित, अमित गोस्वामी, राजेन्द्र जोशी आदि ने इस सम्मान पर खुशी जताई है।
डॉ बादल की उपलब्धियां:
डॉ मंगत बादल को साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली का सर्वोच्च राजस्थानी पुरस्कार ' मीरा ' महाकाव्य पर, अकादेमी का ही बाल साहित्य पुरस्कार काव्य कृति पर, राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी का सूर्यमल मीसण शिखर पुरस्कार, साहित्य अकादमी, उदयपुर का सर्वोच्च मीरा पुरस्कार सहित अनेक पुरस्कार प्राप्त हो चुके है। डॉ बादल केंद्रीय साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली के राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल के सदस्य भी रहे है। डॉ बादल के साहित्य पर अनेक शोध व लघु शोध हो चुके है।