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पहले पुजारियों के मासिक वेतन में 500 रुपये की वृद्धि की, बेरोजगारों को 18000 सालाना देने का वादा

महिलाओं को 1500 से 1700 प्रतिमाह देंगी
नये जिलों को बनाया जायेगा
 

अभिषेक पुरोहित

RNE Special.
 

पश्चिमी बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सीएम ममता बनर्जी पूरी तरह मैदान में उतर गई है। भाजपा को हर क्षेत्र में मात देने की खास रणनीति के तहत तृणमूल कांग्रेस ने पहले से ही अपना गेम प्लान बनाया हुआ था, स्क्रिप्ट तैयार थी। 

चुनाव आयोग ने जैसे ही चुनाव की तारीखों का ऐलान किया ममता ने धड़ाधड़ घोषणाएं कर भाजपा को एकबारगी तो बैकफुट पर ला दिया है। भाजपा नेताओं को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि टीएमसी और ममता चुनाव के लिए इस तरह की तैयारी कर चुकी है।
 

देखा जाये तो ममता ने तो चुनाव की तारीखों की घोषणा से डेढ़ घन्टे पहले से ही चुनावी दाव चलने आरम्भ कर दिए थे। भाजपा को इसकी भनक भी नहीं लगी। चुनाव की तारीख का ऐलान करने से ठीक डेढ़ घन्टे पहले ममता ने भाजपा का मुद्दा हथिया लिया। ममता ने ट्वीट कर बंगाल सरकार का निर्णय बताया कि पुजारियों के मासिक भत्ते को 500 रुपये बढ़ा दिया गया है। अब हर महीनें उनको 1500 की जगह 2000 रुपये मिलेंगे। भाजपा अवाक रह गयी इस घोषणा से।

उम्मीदवार पहले से तय:

भाजपा ने कुछ सीटों पर उम्मीदवार तय कर उनकी सूची जारी की , भाजपा इस मामले में टीएमसी पर अपर हैंड रहना चाहती थी। मगर यहां भी टीएमसी ने उसे अवसर नहीं दिया। 

टीएमसी ने एक साथ 294 में से 291 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए। जो शेष रही 3 सीटे थी वो दार्जलिंग की थी और ममता ने वह सीटें अपने सहयोगी दल के लिए छोड़ी थी। भाजपा अभी तक उम्मीदवार पूरे तय नहीं कर सकी है। टुकड़ों में सूचियां जारी हो रही है। कांग्रेस व वाम दल भी इस मामले में टीएमसी से पिछड़े हुए है।

चुनावी चालों की चौसर:

भाजपा ने नंदीग्राम व भबानीपुर सीटों से नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को उतारकर ममता को घेरने की कोशिश की। अधिकारी ने पिछले चुनाव में नंदीग्राम से ममता को हराया था। ममता फिर भबानीपुर से चुनाव जीती थी। इस कारण इस बार भाजपा ने दोनों जगह शुभेंदु अधिकारी को उतार दिया।

भाजपा ने ममता को घेरने की रणनीति बनाई तो ममता ने शुभेंदु को घेर लिया। भबानीपुर में खुद उतरी तो नंदीग्राम में शुभेंदु के सबसे निकटस्थ पवित्र कर को टीएमसी में लाकर शुभेंदु के सामने उतार दिया जो जमीनी नेता है। अब शुभेंदु घिर गए है।

ममता ने चुनावी वादे भी कर लिए:

विधानसभा चुनाव में जीत का चौका लगाने की उम्मीद में ममता ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र भी जारी कर दिया। भाजपा, कांग्रेस, वाम दलों के अभी पूरे उम्मीदवार भी तय नहीं और टीएमसी का चुनाव घोषणा पत्र जारी हो गया।

 

  • टीएमसी सुप्रीमो ममता ने 10 बड़े चुनावी वादे किए है। 
  • महिलाओं को 1500 से 1700 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
  • बेरोजगारों को 18000 रुपये सालाना दिया जायेगा।
  • हर परिवार को पक्का घर देने का वादा किया गया है।
  • टीएमसी फिर से सत्ता में आई तो 7 से 10 नये जिले बनाए जाएंगे।
  • अगले एक - दो वर्षों में हर घर को नल से पानी देंगे।
  • दुआरे चिकित्सा योजना के तहत हर बूथ व ब्लॉक स्तर पर चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।
  • कृषि बजट में किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रुपये से मदद करेंगे।
  • सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बेहतर बनाएंगे।
  • बंगाल को व्यापार का बड़ा केंद्र बनाएंगे।


भाजपा को नया कुछ करना होगा:

टीएमसी के चुनावी वादे, घोषणा पत्र व उम्मीदवार सामने आ चुके है। अब भाजपा को इनकी काट के लिए कुछ नया करना होगा। भाजपा की रणनीति बनाने वाली टीम ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। आसानी से भाजपा टीएमसी को खुला मैदान नहीं देगी। कड़ी टक्कर देगी।

वोट कटिंग का फायदा:

इस चुनाव में कांग्रेस ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा की हुई है। वाम दल भी मैदान में है। ये लोग वोट लेंगे, उसका नुकसान टीएमसी को ज्यादा होता दिख रहा है। भाजपा को इससे नफा होने की संभावना है। टीएमसी से बर्खास्त मुस्लिम नेता हुमायूं ने नई पार्टी बनाई है। मुस्लिम मत का विभाजन भाजपा को फायदा पहुंचाएगा

धीरे धीरे तस्वीर होगी स्पष्ट:

बंगाल में चुनावी बिसात बिछ गई है और राजनीतिक चालें भी दलों ने चलनी आरम्भ कर दी है। ज्यों ज्यों चुनाव आगे बढ़ेगा, त्यों त्यों तस्वीर स्पष्ट होगी। चुनाव पूर्व के सर्वे ने टीएमसी का उत्साह जरूर बढ़ाया है।