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खुशियां चौगुनी.. सात फेरे, फिर परीक्षा का सफर; नवदंपती ने रची सफलता की कहानी

 

RNE Dhanbad. 

आमतौर पर शादी के बाद नवविवाहित जोड़ा नए जीवन की शुरुआत और रस्मों-रिवाजों में व्यस्त रहता है। लेकिन झारखंड के धनबाद जिले के एक नवदंपती ने शादी के अगले ही दिन ऐसा फैसला लिया, जो आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। हाथों की मेहंदी अभी फीकी भी नहीं पड़ी थी कि दोनों परीक्षा केंद्र पहुंच गए। अब उनकी मेहनत रंग लाई है और दोनों एक साथ अधिकारी बन गए हैं।

धनबाद के झरिया निवासी विकास कुमार सिंह और कोमल कुमारी सिंह ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। विकास का चयन ब्लॉक पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO) के पद पर हुआ है, जबकि उनकी पत्नी कोमल कुमारी सिंह उप पुलिस अधीक्षक (DSP) बनी हैं।

शादी के अगले दिन पहुंच गए परीक्षा केंद्र : 

इस दंपती की कहानी इसलिए खास है क्योंकि दोनों ने विवाह के अगले ही दिन बीपीएससी की परीक्षा दी थी। एक तरफ जीवन के नए अध्याय की शुरुआत थी, दूसरी तरफ वर्षों के सपनों को साकार करने की चुनौती। दोनों ने व्यक्तिगत खुशियों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए परीक्षा देने का फैसला किया।

उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह निर्णय उन्हें एक दिन दो-दो बड़ी सफलताओं तक पहुंचा देगा।

कोमल ने पूरा किया प्रशासनिक सेवा का सपना : 

बेगूसराय की रहने वाली कोमल कुमारी सिंह पहले राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थीं। नौकरी होने के बावजूद उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाना था। उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी और आखिरकार डीएसपी बनकर अपना सपना पूरा कर लिया। विकास कुमार सिंह ने भी कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर बीपीआरओ पद हासिल किया। दोनों की सफलता ने साबित कर दिया कि लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बनतीं।

परिवार में खुशी, इलाके में गर्व : 

जैसे ही परिणाम घोषित हुए, परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने दोनों को बधाइयां दीं। झरिया क्षेत्र में भी इस उपलब्धि की चर्चा हो रही है। माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य अपने बच्चों की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।