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एचडीएफसी बैंक में अध्यक्ष के इस्तीफे से हलचल, इस्तीफे के बाद शेयरों में गिरावट

 

सुधीश शर्मा, बीकानेर

RNE Network.

देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक में उस समय हलचल मच गई जब बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले के बाद बैंक के शेयरों में गिरावट आई और निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया।

इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद बैंक का शेयर लगभग 52 सप्ताह के निचले स्तर तक गिर गया। एक ही दिन में बैंक के बाजार पूंजीकरण में भारी कमी दर्ज की गई। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और बैंक प्रबंधन ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत है और उसकी कार्यप्रणाली में कोई समस्या नहीं है।

अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएँ और कार्यप्रणालियाँ रही हैं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिक मानकों के अनुरूप नहीं थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यही उनके इस्तीफे का मुख्य कारण है और इसके अलावा कोई अन्य वजह नहीं है।

इस्तीफे के बाद आरबीआई ने बैंक के अनुभवी निदेशक केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया है। बैंक प्रबंधन ने कहा है कि निदेशक मंडल एकजुट है और बैंक के संचालन तथा कॉरपोरेट गवर्नेंस के मानक मजबूत बने हुए हैं।

आरबीआई ने भी अपने बयान में कहा कि एचडीएफसी बैंक एक मजबूत और व्यवस्थित रूप से महत्वपूर्ण बैंक है, जिसकी पूंजी स्थिति, तरलता और प्रबंधन क्षमता संतोषजनक है। नियामक ने यह भी भरोसा दिलाया कि बैंक पर उसकी निगरानी जारी रहेगी और ग्राहकों व निवेशकों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

इस घटनाक्रम के बाद बैंक के भीतर और बाजार में कुछ समय के लिए अनिश्चितता का माहौल बना, लेकिन बैंक प्रबंधन ने भरोसा जताया है कि संस्थान की साख और संचालन पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।