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हिमाचल का अनोखा मेला: तीन दिन तक घरों में नहीं बनता खाना, फिर भी कोई नहीं रहता भूखा

 

RNE Network.


हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में आयोजित होने वाला माता शूलिनी मेला अपनी अनूठी परंपराओं और आपसी सौहार्द के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। इस तीन दिवसीय मेले के दौरान शहर के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जलता, क्योंकि जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भंडारों का आयोजन किया जाता है।

मान्यता है कि इस दौरान मां शूलिनी अपनी बड़ी बहन माता दुर्गा से मिलने नगर भ्रमण पर निकलती हैं और भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। यही कारण है कि मां शूलिनी को अन्नपूर्णा देवी का स्वरूप भी माना जाता है।

इस मेले में सभी धर्मों के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं, जो आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव की मिसाल है। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय मेले में देशभर से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं।

मेले की सबसे खास बात यह है कि यहां श्रद्धालुओं को हर तरह का भोजन और प्रसाद निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।