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करूर भगदड़ मामला: सुप्रीम कोर्ट ने डीएमके की याचिका खारिज की

 

RNE Network.

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को डीएमके की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और मंत्री आधव अर्जुना को करूर भगदड़ मामले पर सार्वजनिक बयान देने से रोकने की मांग की गई थी।
 

अदालत ने कहा कि न्यायिक मंच का इस्तेमाल राजनीतिक मंच के रूप में नहीं किया जा सकता। किसी मुख्यमंत्री को क्या बोलना चाहिए और क्या नहीं, इसे अदालत कैसे नियंत्रित कर सकती है।
 

डीएमके की ओर से दलील दी गयी कि मंत्री ऐसे बयान दे रहे हैं जिनसे भगदड़ मामले को लेकर एक खास तरह का नैरेटिव बन रहा है। इस पर जस्टिस विश्वनाथन ने पूछा, क्या आप चाहते हैं कि मुख्यमंत्री के दौरे को सुप्रीम कोर्ट रेगुलेट करे और उनके कार्यक्रम तय करे ? तो आप चाहते हैं कि हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगा दें ?

पीड़ित परिजनों से मिलेंगे विजय:

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री विजय थलापति के करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने के प्रस्तावित दौरे पर सवाल उठाने के लिए भी डीएमके को फटकार लगाई। विजय थलापति 10 जुलाई को परिवारों से मिलेंगे। गौरतलब है कि सितम्बर 2025 में करूर में आयोजित रैली में भगदड़ से 41 लोगों की मौत हो गयी थी।