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महापौर के लिए बीकानेर में महासंग्राम, अर्जुन-कल्ला के हाथों में कमान, अर्जुनराम का तीर फिर लगेगा निशाने पर? शिव भक्त BD कल्ला त्रिशूल के साथ अखाड़े में!

 

 

 

मधु आचार्य ' आशावादी '

भाजपा व कांग्रेस ने अपने अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी को सफलता पूर्वक कर ली, दोनों का एक भी प्रत्याशी परिणाम आने से पहले इधर उधर नहीं गया है। अलबत्ता निर्दलीय प्रत्याशी जरूर दो फाड़ हुए हैं। कुछ को भाजपा ने साथ लिया है तो कुछ को कांग्रेस ने।
कल मतगणना है, उसके बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि भाजपा व कांग्रेस के पास कितना कितना संख्या बल है।

 

फिर बाड़ेबंदी का दूसरा दौर शुरू होगा और उसमें जीते हुए पार्षदों को ही पार्टियां साथ रखेगी। हारने वालों को फ्री कर दिया जायेगा। यह सख्त बाड़ेबंदी होगी और हो सकता है बचाव के लिए अन्य राज्यों में भी डेरा डाल लिया जाए। जैसे भाजपा ने पिछली बार हरियाणा में डेरा डाल दिया था और मेयर के चुनाव के दिन ही बीकानेर आये थे।

दाव सारा निर्दलीयों पर

राजनीतिक कयासों व सट्टा बाजार की बातों पर भरोसा करने के अलावा फिलहाल तो पार्टियों के पास कोई दूसरा चारा भी नहीं है। अपने सर्वे से भी दोनों दलों को कुछ कुछ यही आभाष हो रहा है। दोनों दलों को लग रहा है कि इस बार निर्दलीयों की संख्या थोड़ी ज्यादा होगी। वहीं कुछ सीट यानी 2 - 3 सीट आरएलपी भी जीत सकती है।


 

इस कारण दोनों दलों की मेयर चुनाव की रणनीति इन निर्दलीय व आरएलपी पर ही टिकी है। इनमें से जो अधिक लोगों को साथ कर लेगा वह अपर हैंड रहेगा। दिक्कत यह है कि अभी तो अंदाजा ही नहीं लग रहा कि कौन निर्दलीय जीत रहा है। मगर यह तथ्य भी सच है कि निर्दलीयों पर ज्यादा दारोमदार रहेगा।

अर्जुन आज संभालेंगे कमान

सांसद व केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल आज जोधपुर पहुंच कर भाजपा की बाड़ेबंदी की कमान संभालेंगे, यह माना जा रहा है। क्योंकि वे आज जोधपुर पहुंच रहे हैं और भाजपा के प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी भी जोधपुर के निकट ही है। जहां पहले से ही कमान पर्यवेक्षक व पूर्व सांसद राजेन्द्र गहलोत, बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास व महावीर सैनी कमान संभाले हुए हैं। गोपाल गहलोत भी उनके साथ है।


 

अर्जुन मेघवाल के बाड़ेबंदी में पहुंचने के बाद ही महापौर व उप महापौर के दावेदारों पर मंथन सभी नेताओं का आरम्भ होगा। फिलहाल हवा में एक ही समाज के 3 दावेदारों के नाम तैर रहे हैं। सांसद मेघवाल, राजेन्द्र गहलोत, विधायक व्यास पहले स्थितियों के अनुसार मंथन करेंगे और फिर पार्षदों से राय ली जाएगी। असल मंथन 14 की मतगणना के बाद ही आरम्भ होगा।

कांग्रेस को कल्ला पर भरोसा

कांग्रेस ने पूरी तरह से अपने दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला पर ही भरोसा किया है। कल्ला मतदान के दिन 9 सितम्बर से ही जुट गए थे। कांग्रेस ने अपने सभी प्रत्याशियों को उसी दिन नोखा रोड के एक आधुनिक भवन में बुला लिया था।

 

कांग्रेस को सक्रिय देखने के बाद ही भाजपा सक्रिय हुई और विधायक जेठानंद व्यास रात को अपने प्रत्याशियों को लेकर जोधपुर की तरफ रवाना हुए। कल्ला ने भी कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों को जुटाया है और कयासों के आधार पर वे यह मान रहे हैं कि कांग्रेस को निगम में अधिक सीटें मिलेगी। आरएलपी के समर्थन का भी उन्हें भरोसा है।


 

डॉ कल्ला ने अपनी पूरी टीम के साथ बाड़ेबंदी में ही डेरा डाल रखा है और प्रत्याशियों से मेयर पड़ के लिए मंथन कर रहे हैं। कांग्रेस के खेमे में एक ब्राह्मण, 2 वैश्य व 1 मुस्लिम के नाम पर मेयर को लेकर चर्चा हो रही है। कल की मतगणना के बाद ही नाम को लेकर असल मंथन आरम्भ होगा। तब बाड़ेबंदी अन्य जगह भी स्थानांतरित हो जाएगी।