लिव-इन रिश्तों पर मोहन भागवत का बयान, बोले-सिर्फ सुख नहीं, जिम्मेदारी भी जरूरी
Jul 27, 2026, 12:26 IST
RNE Network.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि विवाह जीवन में अनुशासन लाता है और धर्म व जिम्मेदारी का भाव पैदा करता है। इसके विपरीत लिव इन रिश्तों में लोग जिम्मेदारी से बचकर केवल सुख चाहते हैं।
मन हुआ तो साथ रहे, मन नहीं हुआ तो अलग हो गए। ऐसे रिश्तों के नतीजे पूरी दुनिया देख रही है। रविवार को हैदराबाद में विश्व मांगल्य सभा के समकालीन मातृत्त्व कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि आधुनिकता जरूरी है।
समय के साथ बदलाव भी भारतीय परंपरा का हिस्सा है। लेकिन पश्चिमी संस्कृति की अंधी नकल आधुनिकता नहीं, पतन है। उन्होंने जेन - जी को भावनात्मक पीढी बताया। कहा कि वह कई बार शांत मन से विचार नहीं करती। इसलिए परिवार में संवाद बढाना जरूरी है।