{"vars":{"id": "127470:4976"}}

नव संवत्सर 2083 : पंडित जितेन्द्र आचार्य बता रहे हैं किस शहर में कब घट स्थापना का श्रेष्ठ मुहूर्त

सुबह 6:53 के बाद कभी भी करें घट स्थापना

बीकानेर में 12 : 21 से 01 : 090तक अभिजीत मुहूर्त

 

पंडित जितेन्द्र आचार्य

RNE Bikaner-Kolkata.

नव संवत्सर 2083 का शुभारंभ आज गुरुवार से हो रहा है। इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत एक विशेष संयोग के साथ हो रही है, जिसमें अमावस्या और प्रतिपदा (एकम) एक ही दिन पड़ रही हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे योग में अमावस्या समाप्त होने के बाद ही माता दुर्गा की घट स्थापना करना शुभ माना जाता है।

पंचांगकर्ता पंडित जितेन्द्र आचार्य के अनुसार 19 मार्च को अमावस्या प्रातः 06:53 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद दिनभर में किसी भी शुभ समय में श्रद्धालु नवरात्रि के लिए घट स्थापना कर सकते हैं। विशेष रूप से अभिजीत मुहूर्त को अत्यंत शुभ माना गया है, जिसमें स्थापना करने का विशेष महत्व बताया गया है।

विभिन्न शहरों के लिए अभिजीत मुहूर्त इस प्रकार रहेगा :

  1. जयपुर में दोपहर 12:11 से 12:59 बजे तक
  2. चूरू में 12:14 से 01:02 बजे तक
  3. दिल्ली में 12:05 से 12:53 बजे तक
  4. बीकानेर में 12:21 से 01:09 बजे तक
  5. अहमदाबाद में 12:23 से 01:12 बजे तक
  6.  मुंबई में 12:22 से 01:10 बजे तक

अन्य स्थानों के श्रद्धालु अपने नजदीकी समयानुसार 5-10 मिनट का अंतर रखकर स्थापना कर सकते हैं।

पंचांगकर्ता पंडित जितेन्द्र आचार्य ने बताया कि इस बार का संयोग अत्यंत शुभ फलदायी है और विधि-विधान से की गई घट स्थापना से वर्ष भर सुख-समृद्धि एवं मंगल की प्राप्ति होती है।

नव संवत्सर के आगमन के साथ ही पूरे देश में चैत्र नवरात्रि का उत्साह छा गया है। मंदिरों में विशेष सजावट की गई है और श्रद्धालु माता रानी के स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में भक्त उपवास, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन के माध्यम से देवी दुर्गा की आराधना करेंगे।