{"vars":{"id": "127470:4976"}}

Ram Mandir Issue : संतों का एक वर्ग  चंपत राय के समर्थन में आया, संत समाज बोला- जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें, दुष्प्रचार से बचें

 

RNE Ayodhya. 

राम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित दान गबन मामले की जांच के बीच संत समाज का एक वर्ग श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में सामने आया है। राम कचहरी में आयोजित बैठक में संतों ने कहा कि चंपत राय के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

संतों ने कहा कि चंपत राय ने पिछले पांच दशकों तक राम मंदिर आंदोलन के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। ऐसे में उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा पर बिना ठोस प्रमाण सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें और अपुष्ट आरोपों या दुष्प्रचार से बचें।

बैठक में संत चंद्रांशु महाराज और साकेत भवन के महंत सीताराम दास सहित अन्य संतों ने भी चंपत राय के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण में चंपत राय का योगदान महत्वपूर्ण रहा है तथा किसी भी आरोप पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।

अयोध्या में श्री राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक पर टिकी नजर 

अयोध्या में श्री राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। यह बैठक 6 जुलाई को दोपहर 3 बजे से प्रस्‍तावित है। यह बैठक अयोध्या के मणि राम दास छावनी में होनी है। इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफ़े पर विचार किया जा सकता है। साथ ही SIT की अंतरिम रिपोर्ट पर भी चर्चा की जाएगी। वहीं, आगामी मंदिर प्रबंधन संबंधित व्यवस्थाओं पर विचार, सीईओ पद सृजन पर भी चर्चा संभव है। इसके अलावा राम मंदिर से जुड़ी वित्तीय जानकारी की रिपोर्ट पर चर्चा और राम मंदिर से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास ने कहा, "...ट्रस्ट जो भी फ़ैसला लेगा, उसका पालन किया जाएगा।