Bikaner के सिद्धार्थ प्रवीण आचार्य मनी लॉन्डरिंग, फाइनेंसियल टेररिज्म पर बने FATF प्रकोष्ठ में रिसर्च एडवाइजर नियुक्त
बीकानेर के अधिवक्ता को मिली महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारी, वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में करेंगे शोध एवं समन्वय से जुड़े कार्य
Rudra News Express Bikaner.
बीकानेर के अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट में Advocate on Record सिद्धार्थ प्रवीण आचार्य को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के Financial Action Task Force (FATF) प्रकोष्ठ में Research Adviser नियुक्त किया गया है। आचार्य ने स्वयं भी इस नियुक्ति की जानकारी साझा की है।
सिद्धार्थ प्रवीण आचार्य सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में विधिक मामलों में सक्रिय हैं। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में भी वे Advocate on Record के रूप में दर्ज हैं और हाल के मामलों में उनकी उपस्थिति दर्ज हुई है।
वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग का FATF प्रकोष्ठ भारत की Anti-Money Laundering (AML) और Countering the Financing of Terrorism (CFT) व्यवस्था से जुड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आचार्य के अनुसार, प्रकोष्ठ प्रवर्तन निदेशालय (ED), Financial Intelligence Unit-India (FIU-IND), RBI, SEBI और NIA जैसी एजेंसियों के साथ समन्वय करता है। इसके अलावा FATF तथा क्षेत्रीय निकायों के साथ होने वाली Mutual Evaluation प्रक्रिया और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों के जोखिम आकलन से जुड़े कार्य भी इसके दायरे में आते हैं।
आचार्य का विधिक क्षेत्र व्यापक है। उपलब्ध पेशेवर प्रोफाइल के अनुसार वे सिविल एवं कमर्शियल कानून, संवैधानिक कानून, मध्यस्थता, रियल एस्टेट, निवेश, सरकारी मामलों और दिवालियापन कानून सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर चुके हैं।
बीकानेर से राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी तक :
सिद्धार्थ प्रवीण आचार्य की नई भूमिका ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े मामलों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संस्थागत समन्वय पर लगातार जोर है। FATF प्रकोष्ठ में उनकी नियुक्ति उनके विधिक अनुभव को राष्ट्रीय वित्तीय नीति और अंतरराष्ट्रीय अनुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्षेत्र से जोड़ती है।