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03 फीट बर्फ में 04 घंटे तक 07 किमी चले दूल्हा-बाराती, ले आये दुल्हन!

 

RNE Network. 
 

ले जाएंगे..ले जाएंगे दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे... या आई है बारात डोली लेकर जाएगी.. जैसे गानों पर थिरकते हुए खुद को जांबाज दूल्हा और बाराती समझने वाले लोग एक बार इस बारात को देख लें तो शायद नतमस्तक हो जाएं। रजाई में दुबककर ठंड की दुहाई देने वालों के लिए भी ये बारात हैरान करने वाली घटना से कम नहीं है।

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यहां हम बात कर रहे हैं एक ऐसी बारात की जो लगातार गिरती बर्फ के बीच रवाना हुई। तीन से चार फीट तक बर्फ जम गई तब भी कदम नहीं ठिठके और बर्फ को चीरते हुए पैदल ही चल पड़े। लगभग 07 किमी का सफर चार घंटे में पूरा हुआ लेकिन दुल्हन के घर पहुंच दस्तक दे ही दी। दुल्हन का घर भी बर्फ में ढंका था। उसी हालात में शादी की रस्में हुई। रोचक बात यह भी है कि दुल्हन को लेकर वापसी भी उसी तरह पैदल बर्फ को चीरते हुई। अब इस बारात के वीडियो, फोटो जमकर वायरल हो रहे हैं।

दरअसल यहां बात हिमाचल के मंडी जिले की हो रही है। इस जिले के सराज क्षेत्र की केओली पंचायत के बुनालीधार गांव निवासी गितेश ठाकुर की शादी 24 जनवरी को भैंचड़ी गांव निवासी उषा ठाकुर के साथ तय थी। 23 जनवरी को इलाके में जमकर बर्फबारी हुई। जहां दुल्हा-दुल्हन के घर हैं, वहीं पर ही 3 से 4 फीट बर्फबारी दर्ज की गई है। रिवाजों के अनुसार शादी के तय लग्न को कभी नहीं टाला जाता। यही कारण रहा कि न दुल्हे का हौंसला डगमगाया और न ही बारातियों का।

दुल्हा-दुल्हन के घरों के बीच का फासला करीब सात किलोमीटर का है। सभी बर्फ पर तीन से चार घंटों का जोखिमभरा पैदल सफर तय करके दुल्हन के घर पहुंचे। यहां चारों ओर घिरी बर्फ की सफेद चादर के बीच दुल्हा-दुल्हन ने शादी की रस्में निभाई और एक-दूजे के हो गए। शादी के बाद फिर यह बारात 3 से 4 घंटों का पैदल सफर कर दुल्हन सहित वापिस अपने घर पहुंची जहां वधु प्रवेश करवाया गया। बर्फ के बीच पैदल सफर करके यह शादी एक यादगार शादी बन गई है और पूरे क्षेत्र में इसकी खूब चर्चा हो रही है।