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पैटरनिटी लीव की मान्यता का कानून बने, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से ये कानून बनाने की अपील की

 

RNE Network.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पैटरनिटी लीव को मान्यता देने वाला कानून बनाने की अपील की है। जस्टिस जे बी परदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा कि पिता भी छोटे बच्चों की देखभाल करने वाले होते है और समाज में उनकी भूमिका को कानूनी रूप से स्वीकार किया जाना चाहिए।
 

कोर्ट ने जोर दिया कि पितृत्त्व अवकाश को सामाजिक सुरक्षा लाभ के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। यह फैसला जन हित याचिका पर आया, जिसमें गोद लेने वाली माताओं के लिए मातृत्त्व लाभ की आयु सीमा को चुनोती गई गयी थी। कोर्ट ने कहा कि गोद लिया गया बच्चा जैविक बच्चे से अलग नहीं होता और जैविक कारक ही निर्णायक होते है।