{"vars":{"id": "127470:4976"}}

RBI जब Plastic Currency पर विचार कर रही है, तब बीकानेर के भारतभूषण गुप्ता के पास है 60 देशों के पॉलिमर नोटों का खजाना

 
RNE Bikaner. (PBSHABD)
अगर आप सोचते हैं कि नोट सिर्फ लेन-देन का साधन हैं, तो बीकानेर के रिटायर्ड बैंकर भारतभूषण गुप्ता से मिलिए। उनके लिए हर नोट एक देश की कहानी है, उसकी संस्कृति है, उसका इतिहास है और उसकी पहचान है। यही वजह है कि पिछले करीब 50 वर्षों से वे दुनिया भर के नोट और सिक्के सहेजते आ रहे हैं।
इन दिनों देश में पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोटों को लेकर चर्चा तेज है। वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक भविष्य में पॉलिमर करेंसी की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। ऐसे समय में बीकानेर के भारतभूषण गुप्ता का संग्रह अचानक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
60 देशों के पॉलिमर नोट, एक ही छत के नीचे
भारतभूषण गुप्ता के संग्रह की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उनके पास 60 देशों के पॉलिमर नोट सुरक्षित हैं। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, रोमानिया और दुनिया के अनेक देशों की प्लास्टिक करेंसी उनके संग्रह का हिस्सा है।
इन नोटों में पारदर्शी खिड़कियां, अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स और आकर्षक डिजाइन हैं, जिन्हें देखकर हर कोई हैरान रह जाता है।
बैंकिंग नौकरी से शुरू हुआ शौक, बन गया जुनून
बैंकिंग सेवा के दौरान शुरू हुआ यह शौक समय के साथ जुनून में बदल गया। गुप्ता ने न केवल भारत बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों की दुर्लभ मुद्राएं जुटाईं। कई नोट ऐसे हैं जो अब चलन से बाहर हो चुके हैं, लेकिन उनके संग्रह में आज भी सुरक्षित हैं।
विद्यार्थी कहते हैं- किताबों से ज्यादा सीख यहां मिलती है
उनके घर पर अक्सर विद्यार्थी, शोधार्थी, बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोग और करेंसी संग्रह के शौकीन पहुंचते हैं। कई शोधार्थी विभिन्न देशों की मुद्रा व्यवस्था, सुरक्षा फीचर्स और आर्थिक इतिहास को समझने के लिए उनके संग्रह का अध्ययन करते हैं।
हर नोट में छिपी है एक कहानी
भारतभूषण गुप्ता का मानना है कि नोट केवल कागज या प्लास्टिक का टुकड़ा नहीं होता। वह उस देश की कला, संस्कृति, राजनीति, इतिहास और तकनीकी विकास का दस्तावेज भी होता है। पॉलिमर नोटों पर चल रही राष्ट्रीय चर्चा के बीच भारतभूषण गुप्ता का यह अनूठा संग्रह एक बार फिर साबित कर रहा है कि बड़े शहरों में ही नहीं, बीकानेर जैसे शहरों में भी ऐसे लोग हैं जो अपने जुनून से इतिहास और विरासत को सहेज रहे हैं।