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थोक महंगाई ने बढ़ाई चिंता, पेट्रोल, डीजल गैस की कीमतों ने बधाई टेंशन

 

RNE Network.

पश्चिम एशिया संकट का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर भी साफ नजर आने लगा है। खुदरा महंगाई के साथ अब थोक महंगाई भी काफी बढ़ गयी है, जिससे अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ गयी है।

मई में थोक महंगाई दर बढ़कर 9.68 प्रतिशत पर पहुंच गई जो अप्रेल के 8.26 प्रतिशत के मुकाबले काफी ज्यादा है। कच्चे तेल, ईंधन, बिजली, खाद्य पदार्थों और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी इसकी प्रमुख वजह रही है।
 

वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से सोमवार को जारी थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई के लिए आधार वर्ष को 2011 - 12 से बदलकर 2022- 23 कर दिया गया है। ईंधन और पावर कैटेगिरी में महंगाई मई में बढ़कर 30.33 प्रतिशत हो गयी है। जो अप्रैल में 24.89 प्रतिशत थी। अधिकांश श्रेणियों में व्यापक स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली। खुदरा महंगाई के साथ थोक महंगाई के लगातार बढ़ने और आगे अल - नीनो के कारण कम बारिश की आशंका से आरबीआई चिंतित हैं।